
Kota Mayor Election 2026 Result: कोटा नगर निगम के महापौर चुनाव में भाजपा की अनुसुइया गोस्वामी (वार्ड 98) और कांग्रेस की सुनीता सुमन (वार्ड 17) आमने-सामने हैं। 100 सदस्यीय सदन में भाजपा के पास 57 पार्षद हैं, जबकि कांग्रेस के 39 और 4 निर्दलीय पार्षद हैं। महापौर चुनाव के लिए बहुमत का आंकड़ा 51 है।
ऐसे में भाजपा के पास संख्याबल अधिक है। हालांकि, कांग्रेस ने संभावित सेंधमारी को देखते हुए अपने पार्षदों की बाड़ेबंदी की। इससे पहले कोटा के वार्ड 11, 44 और 87 में पुनर्मतदान के दौरान ईवीएम खराबी सामने आई थी। इसके बाद दोनों प्रमुख दलों ने अपनी चुनावी रणनीति में बदलाव किया था।
मेयर चुनाव के दौरान प्रशासन ने सड़क पर बैरिकेड्स लगाकर कांग्रेस नेताओं को रोक दिया। इस पर शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष राखी गौतम ने प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को मतदान स्थल तक पहुंचने से रोका जा रहा है।
कोटा कांग्रेस मुक्त होने जा रहा : बीजेपी पार्षद
बीजेपी से पांचवीं बार पार्षद बने गोपाल मंडा ने कहा कि हमे सत्तर वोट मिलेंगे, कोटा कांग्रेस मुक्त होने जा रहा है। बीजेपी और कांग्रेस पार्षद वोटिंग के लिए लाइन में लगे हैं। बीजेपी के पार्षद विवेक ने कहा, बाड़ेबंदी नहीं की गई थी। आपस में पहचान और प्रशिक्षण के लिए पार्षद इकट्ठा हुए थे। भाजपा पार्षद गोपाल मंडा ने वोटिंग से पहले गमछा लहराते हुए कहा कि आज कांग्रेस का विसर्जन है। इस दौरान पार्षदों ने वंदे मातरम के नारे भी लगाए।
कांग्रेस के पार्षद महापौर चुनाव में मतदान के लिए नगर निगम कार्यालय पहुंचे। कांग्रेस मेयर प्रत्याशी सुनीता सुमन भी पार्षदों के साथ नगर निगम पहुंचीं। उन्होंने कहा,हमें उम्मीद है कि हम जीतेंगे। सभी पार्षद एक साथ हैं। इधर, जिला निर्वाचन अधिकारी पीयूष सामरिया भी नगर निगम पहुंचे। उन्होंने नगर निगम अधिकारियों और एसपी से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जानकारी ली। महापौर चुनाव को लेकर नगर निगम परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
कोटा में भारतीय जनता पार्टी के पार्षद महापौर पद के लिए मतदान करने नगर निगम कार्यालय पहुंच गए। सभी भाजपा पार्षद एक साथ विशेष तरीके से केसरी पगड़ी बांधकर और नारेबाजी करते हुए नगर निगम पहुंचे। भाजपा के 57 पार्षद हैं, जबकि दो निर्दलीय पार्षद भी भाजपा के साथ हैं।
कोटा महापौर चुनाव में मतदान के लिए कांग्रेस के पार्षद नगर निगम कार्यालय पहुंच गए हैं। कांग्रेस जिला अध्यक्ष राखी गौतम, प्रदेश महासचिव अमित धारीवाल और पूर्व प्रधान नईमुद्दीन गुड्डू के नेतृत्व में कांग्रेस के पार्षद एक साथ मतदान के लिए पहुंचे। कांग्रेस के 39 पार्षद और एक निर्दलीय पार्षद भी साथ आए हैं। थोड़ी देर में महापौर पद के लिए मतदान होगा। नगर निगम कार्यालय के बाहर पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। पार्षदों को निर्वाचन प्रमाण पत्र दिखाने के बाद ही कार्यालय के अंदर प्रवेश दिया जा रहा है।
भाजपा की ओर से महापौर प्रत्याशी अनुसुइया गोस्वामी वोटिंग करने पहुंचीं। उन्होंने दावा किया कि अच्छे वोटों से उन्हें जीत मिलेगी।
25 वार्ड वाली सुकेत नगर पालिका में अध्यक्ष पद के लिए भाजपा के जितेंद्र चोपड़ा और कांग्रेस के उमरदीन आमने-सामने हैं। नगर पालिका में कांग्रेस के 11, भाजपा के 10 और 4 निर्दलीय पार्षद हैं। अध्यक्ष पद के लिए भाजपा की ओर से विकास चौहान, जितेंद्र चोपड़ा और कपिल भावसर ने नामांकन दाखिल किया था। मंत्री मदन दिलावर ने स्वयं पहुंचकर पार्टी का सिंबल जमा कराया था। जितेंद्र चोपड़ा को भाजपा का अधिकृत सिंबल मिलने के बाद विकास चौहान और कपिल भावसर के नामांकन खारिज हो गए।
कोटा नगर निगम में महापौर चुनाव को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। निगम के मुख्य गेट पर कड़ी चेकिंग और पूछताछ के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। नगर निगम से करीब 100 मीटर की दूरी पर बैरिकेडिंग की गई है। निगम परिसर के अंदर और बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
आठवीं महापौर का ताज भाजपा की अनुसुइया गोस्वामी या कांग्रेस की सुनीता कुमारी सुमन, किसके सिर पर सजेगा…यह शुक्रवार दोपहर तक स्पष्ट हो जाएगा। भाजपा पार्षदों के संख्या बल के आधार पर अनुसुइया गोस्वामी का महापौर बनना लगभग तय माना जा रहा है। कांग्रेस संख्या बल के आधार पर कमजोर है। हालांकि दोनों ही दल अपना-अपना महापौर बनाने के लिए गुरुवार को रणनीति में जुटे रहे।
निगम में कुल 100 वार्ड हैं, जिसमें भाजपा के 57 पार्षद जीते थे। दो निर्दलीय पार्षदों ने भी भाजपा की सदस्यता ले ली है। ऐसे में पार्षदों की संख्या 59 हो गई है। वहीं कांग्रेस के 39 पार्षद चुनाव जीते हैं। कांग्रेस से बागी निर्दलीय पार्षद रानी जुबेर पार्टी के साथ आ गई हैं। एक निर्दलीय राहुल माथुर ने अपना रुख साफ नहीं किया है।
हालांकि, माथुर ने सोशल मीडिया पर भाजपा के इशारे पर प्रशासन की ओर से परेशान करने और भाजपा के पक्ष में मतदान के लिए दबाव बनाने की बात कही है। ऐसे में पार्षदों की संख्या बल के आधार पर भाजपा की अनुसुइया गोस्वामी का महापौर बनना लगभग तय माना जा रहा है। भाजपा का जोर कांग्रेस पार्षदों से भी क्रॉस वोटिंग करवाने पर है।
गुरुवार को वार्ड 71 से वंदना फौजदार ने कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा, लाडपुरा विधायक कल्पना देवी व जिलाध्यक्ष राकेश जैन की मौजूदगी में पार्टी में शामिल होकर अनुसुइया को समर्थन देने की घोषणा की। भाजपा पार्षदों को गुरुवार सुबह झालावाड़ रोड स्थित एक होटल में शिफ्ट कर दिया गया। कोटा दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के पार्षद सुबह 11 बजे विधायक संदीप शर्मा के आवास पर एकत्र हुए। यहां से महापौर प्रत्याशी अनुसुइया गोस्वामी समेत अन्य पार्षद कारों से होटल पहुंचे। लाडपुरा विधानसभा क्षेत्र के पार्षद विधायक कल्पना देवी के कार्यालय पर इकट्ठे हुए, यहां से कारों से होटल पहुंचे।
कोटा उत्तर विधानसभा क्षेत्र के पार्षद शहर जिलाध्यक्ष राकेश जैन के कार्यालय पर एकत्र हुए, जहां से पार्षदों को होटल भेज दिया गया। लंच के बाद भाजपा के रणनीतिकार और सहकार नेता हरिकृष्ण बिरला, विधायक संदीप शर्मा, विधायक कल्पना देवी, जिलाध्यक्ष राकेश जैन ने पार्षदों को महापौर के मतदान की प्रक्रिया समझाई।
बिरला ने कहा कि जनता ने ट्रिपल इंजन की सरकार बनाने का संकल्प पूरा कर दिया है, अब हम सब की जिम्मेदारी बढ़ गई है। जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना होगा। विधायक संदीप शर्मा ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष के विजन के अनुरूप हर वार्ड को स्मार्ट और समस्या मुक्त बनाने की दिशा में काम करना होगा। जिलाध्यक्ष जैन ने बताया कि सुबह नौ बजे पार्षदों को बसों से मतदान के लिए निगम लाया जाएगा।
कांग्रेस ने भी महापौर के मतदान के एक दिन पहले पार्टी कार्यालय में पार्षदों की बैठक ली और महापौर के मतदान की प्रक्रिया के बारे में बताया। नेताओं ने कहा कि हमारे पार्षदों को क्रॉस वोटिंग के लिए प्रशासन के माध्यम से धमकाया जा रहा है, मकान तोड़ने की धमकी दी जा रही है। बुधवार रात को ही कांग्रेस के 12 पार्षदों पर कार्रवाई की गई। शहर अध्यक्ष राखी गौतम, पीसीसी महासचिव अमित धारीवाल, पूर्व प्रधान नईमुद्दीन गुड्डू ने कहा कि भाजपा अपना बोर्ड बनाने के लिए कांग्रेस पार्षदों पर दबाव बना रही है।
Kota Mayor Election Result: सरकारी एजेंसियों के माध्यम से कार्रवाई कर उन्हें प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। भाजपा सरकार स्वस्थ राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बजाय दबाव और भय का माहौल बना रही है। उन्होंने सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। गौतम ने बताया कि 23 सितंबर को पार्षद सियाराम वर्मा के क्लिनिक पर कार्रवाई की गई, वहीं 24 सितंबर को रघुवीर बैरवा, महेंद्र वर्मा, राममूर्ति और सपना बुर्ट के यहां कार्रवाई की गई। कांग्रेस पार्षद एक साथ सुबह 10 बजे मतदान के लिए निगम पहुंचेंगे। बैठक में उप महापौर प्रत्याशी उतारने पर भी चर्चा हुई।