कोटा

Rajasthan : 1140 करोड़ की ब्राह्मणी बैराज परियोजना, जमीन अधिग्रहण की तैयारी शुरू

ब्राह्मणी नदी पर 1140 करोड़ रुपए की प्रस्तावित ब्राह्मणी बैराज परियोजना के लिए प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को गति देते हुए सामाजिक प्रभाव आकलन (एसआईए) की ड्राफ्ट रिपोर्ट तैयार कर ली है। अब किसानों की जमीनों का मौका निरीक्षण और मुआवजा देने के प्रस्ताव बनाए जाएंगे।

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Jun 03, 2026
Brahmani-Bisalpur Link
फाइल फोटो पत्रिका

Brahmani Barrage Project : रावतमाटा (कोटा)। ब्राह्मणी नदी पर 1140 करोड़ रुपए की प्रस्तावित ब्राह्मणी बैराज परियोजना के लिए प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को गति देते हुए सामाजिक प्रभाव आकलन (एसआईए) की ड्राफ्ट रिपोर्ट तैयार कर ली है। अब किसानों की जमीनों का मौका निरीक्षण और मुआवजा देने के प्रस्ताव बनाए जाएंगे। प्रशासन के अनुसार प्रस्तावित ब्राह्मणी बांध परियोजना के लिए सैकड़ों हैक्टेयर भूमि के अधिग्रहण और वन क्षेत्र डूब में आएगा। यह प्रक्रिया भूमि अर्जन पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्था में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिनियम 2013 और राज्य नियम 2016 के तहत होगी। इसके लिए खसरा वाइज मौका निरीक्षण किया जाएगा और मौके पर चारदीवारी, कुआं और जमीन की स्थिति को देखते हुए मुआवजा राशि के प्रस्ताव बनाकर भेजेंगे।

इस तरह तैयार होगी परियोजना

प्रस्तावित परियोजना के तहत श्रीपुरा, भुंजरकलां, भुजरखुर्द, धांगडमऊखुर्द, धांगडमऊकलां, लोठियाना और खुमानगंज सहित कई ग्राम पंचायतों की निजी खातेदारी भूमि के अधिग्रहण का प्रस्ताव है। परियोजना की लागत करीब 1140 करोड़ रुपए आंकी गई है। निर्माण हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल पर होगा, जिसमें अदाणी समूह को 780.64 करोड़ रुपए का ठेका दिया गया है और निर्माण अवधि 4 वर्ष है। इस परियोजना के तहत राणा प्रताप सागर बांध से टनल और केनाल के जरिए पानी ब्राह्मणी बांध तक लाया जाएगा, जहां से आगे वितरण होगा।

850 हैक्टेयर में विकसित होगी परियोजना

ब्राह्मणी परियोजना क्षेत्र में कुल 850 हैक्टेयर में विकसित होगी। इसमें वन विभाग और राजस्व की भूमि के अलावा 140 हैक्टेयर निजी किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।

और बेहतर होगा पानी का उपयोग

अधीक्षण अभियंता पीके गुप्ता ने बताया का यह प्रस्तावित परियोजना न केवल क्षेत्र में जल संसाधन प्रबंधन को नया आयाम देगी, बल्कि चंबल के अतिरिक्त पानी के बेहतर उपयोग की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। प्रस्तावित बैराज से सिंचाई, पेयजल की सुविधा मिलेगी।

वन्य क्षेत्र में स्वीकृति पर लगेगा समय

सहायक अभियंता दुलीचंद ने बताया कि क्षेत्र के वन्य जीव अभयारण्य में कार्य करने के लिए अनापत्ति प्राप्त करनी होगी। इसके लिए कंसलटेंसी की नियुक्ति कर दी गई है। लगभग 6 माह से 1 वर्ष का समय लगने की संभावना है। परियोजना में जो भी निर्माण कार्य कराया जाएगा उसके लिए वन विभाग की स्वीकृति पहले प्रस्ताव बनाकर ली जाएगी।

ब्राह्मणी नदी के बारे में जानें

ब्राह्मणी नदी मध्यप्रदेश से चित्तौड़गढ़ में प्रवेश करती है। वहीं इस नदी पर भैंसरोडगढ़ क्षेत्र में 54 मिलियन क्यूबिक मीटर क्षमता का बैराज बनेगा और यहां से लगभग 125 किलोमीटर दूरी तय करते हुए भीलवाड़ा से गुजर रही बनास नदी तक पानी लाया जाएगा। बनास नदी से पानी बीसलपुर बांध में पहुंचेगा। इसलिए भी बांध की भराव क्षमता बढ़ाई जा रही है। यहां से पानी की आपूर्ति जयपुर, अजमेर, टोंक, सवाईमाधोपुर, दौसा व अन्य जिलों में हो सकेगी।

Published on:
03 Jun 2026 03:41 pm