कोटा विकास प्राधिकरण (KDA) ने 13 महीनों में ताबड़तोड़ बुलडोजर कार्रवाई करते हुए 3632.32 बीघा सरकारी भूमि को अतिक्रमणमुक्त करवा लिया। इस कार्रवाई से 1000 करोड़ रुपए मूल्य की भूमि को तैयार किया है।
KDA Bulldozer Action On Land Mafia: कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) ने सरकारी भूमि पर जमे अतिक्रमियों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए पिछले 13 माह में करीब 1000 करोड़ रुपए मूल्य की 3632.32 बीघा भूमि अतिक्रमणमुक्त करवाई। इस कार्रवाई से केडीए ने बड़ा भूमि बैंक तैयार कर लिया है। अब इस जमीन का उपयोग जनउपयोगी कार्यों के लिए किया जाएगा, जिसमें नए औद्योगिक क्षेत्र और आवासीय कॉलोनियां विकसित की जाएंगी।
यूआइटी का दायरा बढ़ाकर केडीए के गठन के बाद जिले की लाड़पुरा पंचायत समिति, बूंदी जिले की केशवराय पाटन एवं तालेड़ा पंचायत समितियों सहित आसपास के 289 गांवों को शहरी सीमा में शामिल किया गया।
कोटा के लिए वर्ष 2031 तक अनुमानित 21 लाख जनसंख्या के आधार पर मास्टर प्लान तैयार किया गया है, जबकि वर्तमान में शहर की जनसंख्या 14 लाख से अधिक आंकी जा रही है।
केडीए के गठन के बाद इसकी सीमा में करीब 1 लाख हैक्टेयर भूमि शामिल हो चुकी है। प्राधिकरण की ओर से भूमि का चिन्हीकरण कर सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लगातार जारी है।
बीते 13 माह में विभिन्न श्रेणियों की कार्रवाई के तहत करीब 1000 करोड़ रुपए की भूमि मुक्त करवाई गई है। इस भूमि पर योजनाएं विकसित होने से केडीए की आय में वृद्धि होगी, जिससे शहर के विकास को गति मिलेगी।
अतिक्रमणमुक्त करवाई गई भूमि पर आवासीय कॉलोनियां विकसित की जाएंगी। इसके तहत सभी वर्गों के लिए कॉलोनियां और मल्टीस्टोरी भवनों की योजनाएं तैयार की जाएंगी। साथ ही, चौड़ी सड़कें, पार्क और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अन्य आवश्यक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
केडीए ने ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के पास रीको को करीब 425 करोड़ रुपए में लगभग 2500 बीघा भूमि आवंटित की है। अतिक्रमण हटाकर इस क्षेत्र को औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
केडीए ने सरकारी भूमि पर कब्जा जमाए प्रभावशाली अतिक्रमियों के खिलाफ भी कार्रवाई करते हुए उनके फार्महाउस, क्रिकेट अकादमी, पक्के मकान, बाड़े और खेतों की चारदीवारी हटाई है। यह कार्रवाई शहर और केडीए क्षेत्र दोनों में की गई। इसके अलावा अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।
सरकारी भूमि पर जमे अतिक्रमियों को हटाया जा रहा है। उन्हें स्वयं अतिक्रमण हटाने के लिए चेतावनी भी दी जा रही है। यदि अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो सख्ती से कार्रवाई करते हुए एफआइआर दर्ज करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि मुक्त करवाई गई भूमि का उपयोग जनहित के कार्यों में किया जाएगा।
बचनेश कुमार अग्रवाल, आयुक्त, केडीए