कोटा

अब फिर खुलेंगे नसबंदी के टांके, स्वास्थ्य निदेशालय ने नए सिरे से शुरू की घोटाले की जांच

बारां के निजी हॉस्पीटलों में हुए नसबंदी ऑपरेशन घोटाले की जांच फिर से कराई जाएगी। निदेशालय ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है।

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Sep 12, 2017
restarted Investigation of sterilization scam in baran

बारां जिले में निजी अस्पतालों में हुए नसबंदी केसेज के जिस मामले में सीएमएचओ सहित अन्य दो जनों के खिलाफ राज्य सरकार ने चार्जशीट के निर्देश दिए थे उसमें जयपुर निदेशालय से दोनों अस्पतालों को भुगतान करने के आदेश कर दिए गए। यही नहीं, अस्पतालों को 6 सितंबर को भुगतान भी कर दिया गया। गोयल अस्पताल को 1.62 लाख और सीताबाड़ी अस्पताल को 9.31 लाख रुपए का भुगतान करा दिया गया है।

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पत्रिका ने किया था खुलासा

नसबंदी ऑपरेशन घोटाले में सीएमएचओ के खिलाफ कार्रवाई करने के सरकार के निर्देशों को टालकर हॉस्पिटलों को 11 लाख रुपए का भुगतान कर दिया। राजस्थान पत्रिका ने जब इस घोटाले का खुलासा किया तो स्वास्थ्य निदेशालय में हड़कंप मच गया। खुद स्वास्थ्य निदेशक आरसीएच डॉ. एसएम मित्तल को कहना पड़ा कि उन्हें गुमराह करके निजी हॉस्पिटल को भुगतान करवाया गया। पत्रिका के खुलासे के बाद निदेशक आरसीएच डॉ. एसएम मित्तल ने तीन सदस्यों की उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित कर पूरे मामले की जांच करने के लिए बारां भेजी है। संयुक्त निदेशक डॉ. रामबाबू जायसवाल, उप निदेशक डॉ. गिरीश द्विवेदी और एएओ सतीश वर्मा की यह टीम जांच करने के लिए सोमवार रात को ही बारां पहुंच गई।

सीएमएचओ के इशारे पर हुआ था घोटाला

बारां के सीएमएचओ डॉ. बृजेश गोयल के रसूख के चलते केलवाड़ा सीएचसी की जगह सीताबाड़ी हॉस्पिटल में नसबंदी के कई कैंप लगाए गए। इसका कुछ भुगतान बारां के गोयल अस्पताल ने भी उठा लिया था। इस मामले का खुलासा 'पत्रिका' ने लगातार समाचार प्रकाशित कर किया। जिसके बाद हुई जांच में सीएमएचओ और अन्य को दोषी पाया, इसके बावजूद निदेशालय के आदेश पर दोनों निजी अस्पतालों को गत 6 सितम्बर को बकाया 11 लाख का भुगतान कर दिया। जिसके बाद निदेशक आरसीएच ने जांच के लिए फिर एक टीम को बारां भेजा है।

छुट्टी के दिन जयपुर मंगवाई फाइल

10 सितम्बर को पत्रिका डॉट कॉम पर पूरा घोटाला प्रकाशित होने के बाद ऐसा हड़कंप मचा कि निदेशक आरसीएच डॉ. मित्तल ने बारां के डिप्टी सीएमएचओ डॉ. सीताराम वर्मा और जिला कार्यक्रम प्रबंधक दिलीप शर्मा से दोनों निजी अस्पतालों और इस मामले से जुड़ी फाइल जयपुर मंगवाई थी। निदेशक आरसीएच ने जांच के बाद गड़बड़ी मिलने पर एक बार फिर जांच कमेटी बना दी। डॉ,. मित्तल ने बताया कि पहले उप निदेशक की जांच में कई तथ्य अधूरे व गोलमोल थे। अब इस मामले की पूरी जांच करवाने के लिए टीम को बारां भेजा है। यह टीम तीन दिन में रिपोर्ट देगी। इस टीम को सख्त निर्देश दिए है कि जो भी दोषी है, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

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Published on:
12 Sept 2017 12:36 pm
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