Salman Khan: फिल्म स्टार सलमान खान को कोटा की एक अदालत से बड़ा झटका लगा है। पान मसाला के भ्रामक प्रचार के मामले में एफएसएल ने सलमान खान की तरफ से दिए गए दस्तावेजों को रिजेक्ट कर दिया है।
कोटा। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में चल रहे राजश्री पान मसाला के कथित भ्रामक विज्ञापन मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। इस मामले में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों को स्टेट फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) ने तकनीकी खामियों के कारण स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। अब इस प्रकरण की अगली सुनवाई 21 अप्रैल को निर्धारित की गई है।
गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान सलमान खान की ओर से अधिवक्ता शिवांशु नवल और राजश्री पान मसाला कंपनी की ओर से अधिवक्ता राकेश सुवालका उपस्थित हुए। वहीं, परिवादी पक्ष का प्रतिनिधित्व भाजपा नेता एवं अधिवक्ता इंद्रमोहन सिंह हनी ने किया, जिन्होंने अपना शपथ पत्र भी आयोग के समक्ष पेश किया।
दरअसल, इंद्रमोहन सिंह हनी ने 26 दिसंबर 2025 को अदालत में प्रस्तुत सलमान खान के वकालतनामा और जवाब पर किए गए हस्ताक्षरों की सत्यता पर सवाल उठाए थे। उन्होंने इन हस्ताक्षरों को संदिग्ध बताते हुए उनकी फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की थी। इस पर संज्ञान लेते हुए जिला आयोग ने एफएसएल से हस्ताक्षरों की जांच कराने और सलमान खान को स्वयं उपस्थित होकर हस्ताक्षरित शपथ पत्र देने के निर्देश दिए थे।
हालांकि, इस आदेश को चुनौती देते हुए सलमान खान ने राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील दायर की थी, जहां प्रारंभिक रूप से इस प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई थी। बाद में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद राज्य आयोग ने अंतरिम रोक हटा दी और जिला आयोग के आदेश को बरकरार रखा।
ताजा सुनवाई में यह सामने आया कि एफएसएल ने दस्तावेजों में आवश्यक तकनीकी मानकों की कमी बताते हुए जांच करने में असमर्थता जताई है। इस पर अदालत ने सलमान खान के पक्ष को निर्देश दिया कि वे इन कमियों को शीघ्र दूर करें, ताकि हस्ताक्षरों की जांच संभव हो सके।
यह पूरा मामला राजश्री पान मसाला के एक विज्ञापन से जुड़ा है, जिसे परिवादी ने भ्रामक बताते हुए चुनौती दी है। अब सभी की नजरें 21 अप्रैल को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस मामले में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।