
Kota Shree Mathuradheesh Ji Corridor Project: कोटा शहर के महत्वाकांशी प्रोजेक्ट श्रीमथुराधीशजी कॉरिडोर में अधिग्रहण के बदले मुआवजा राशि वितरित करने का काम शुरू हो गया है। इसके साथ ही कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) ने बुधवार को अधिगृहीत क्षेत्र में भवनों को तोड़ने का काम शुरू कर दिया है। केडीए की ओर से अधिग्रहण के लिए चिह्नित भवनों को 3 दिन में खाली करने के नोटिस जारी करते हुए भवनों पर चस्पा किए गए हैं।
स्वायत्त शासन विभाग ने श्रीमथुराधीशजी कॉरिडोर के लिए क्षेत्र में 23 इमारतों की करीब 15 हजार वर्गफीट भूमि अधिग्रहण के लिए चिह्नित की थी। इसके लिए करीब एक पखवाड़े पूर्व राज्य सरकार ने अधिग्रहण प्रभावितों को मुआवजा वितरित करने की अनुमति जारी कर दी। अब केडीए की ओर से अधिगृहीत भवनों के मालिकों को मुआवजा राशि वितरित करने की प्रकिया शुरू कर दी है। इसके तहत मुआवजा राशि देकर चिह्नित भवनों को हटाकर कॉरिडोर का निर्माण शुरू किया जाएगा।
केडीए की भूमि विशेषाधिकारी शिक्षा पवन ने जारी किए नोटिस में बताया कि मंदिर कॉरिडोर निर्माण, पार्किंग व अन्य विकास कार्यों के प्रथम चरण के कार्य के लिए चिह्नित भवनों के मुआवजे का अनुमोदन राज्य सरकार ने कर दिया है। इसके लिए प्रभावित 3 जुलाई तक मुआवजा ले सकते हैं। केडीए की ओर से अवाप्त परिसरों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। ऐसे में चिह्नित भवनों में रह रहे लोग 3 दिवस में आवश्यक रूप से मकान खाली कर दें और चिहिन्त क्षेत्र में आवासीय व व्यावसायिक गतिविधियां बंद कर दें, ताकि सुरक्षित तरीके से डिमोलेशन की कार्रवाई की जा सके।
श्रीमथुराधीशजी मंदिर कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए 23 चिह्नित भवन व दुकान मालिकों को करीब 25 करोड़ रुपए की मुआवजा राशि का वितरण शुरू कर दिया है। भवनों को हटाने के बाद पहले चरण के तहत 18.24 करोड़ के सिविल कार्य किए जाएंगे। इसके बाद यहां सड़कों को चौड़ा करना, मंदिर परिक्रमा मार्ग का सौन्दर्यीकरण, मल्टीलेवल पार्किंग सुविधा और यात्रियों के लिए सुविधाएं विकसित करने पर 66.57 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा कॉरिडोर सौन्दर्यीकरण पर 36.25 करोड़ खर्च किए जाएंगे। पहले चरण में मंदिर को रिवरफ्रंट से जोड़ने के लिए करीब 200 मीटर लंबा और 40 फीट चौड़ा रोड बनेगा। पहले यह एलिवेटेड रोड मंदिर से भट्टजी घाट की पुलिया तक ही प्रस्तावित था, अब इसे रिवरफ्रंट के गणेश पोल घाट तक बढ़ाया है। इसमें 3.13 करोड़ से नामदेव धर्मशाला से भट्टजी घाट तक 40 फीट चौड़ी सड़क, 1.51 करोड़ से स्टील ब्रिज और एलिवेटेड रोड तथा 7.19 करोड़ से मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण किया जाएगा। वहीं, हैरिटेज लुक में परिक्रमा मार्ग के सौंदर्यीकरण पर 7.36 करोड़ खर्च होंगे। मंदिर के सामने धर्मशाला और स्कूल की भूमि पर श्रद्धालुओं के लिए दुकानें, रेस्ट हाउस और आवासीय व्यवस्था भी प्रस्तावित है।
इससे मंदिर और रिवरफ्रंट के बीच एक नया कनेक्टिंग कॉरिडोर विकसित होगा। एलिवेटेड रोड के नीचे भी सड़क चौड़ाई बढ़ाई जाएगी। आमतौर पर श्रीमथुराधीशजी के दर्शन करने के लिए करीब 2 हजार भक्त आते हैं। वहीं अधिकमास में प्रतिदिन करीब 15 हजार भक्त दर्शन करने पहुंचे। मंदिर के पीछे स्थित नामदेव धर्मशाला से भट्टजी घाट तक सड़क को 40 फीट और परिक्रमा मार्ग को 6 से 12 मीटर चौड़ा करना प्रस्तावित है।
गढ़ पैलेस स्थित साईं बाबा मंदिर से सीधे मंदिर तक पहुंच आसान हो जाएगी। टिपटा चौराहा भूरिया गणेशजी मंदिर से पाटनपोल दरवाजे और परिक्रमा मार्ग का हैरिटेज लुक में सौन्दर्यीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही यह रास्ता चौड़ा व सुगम हो जाएगा।
श्रीमथुराधीशजी कॉरिडोर कोटा के लिए अधिग्रहण का काम शुरू हो गया है। इसके लिए मुआवजा वितरण भी शुरू कर दिया है। शीघ्र ही प्रथम चरण का काम शुरू कर दिया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी और कोटा के धार्मिक पर्यटन को चार चांद लगेंगे।
बचनेश कुमार अग्रवाल, आयुक्त, केडीए