महोदरा से दो सहरिया युवक तेज रफ्तार में गलत दिशा से आ रहे थे। इधर मृतक दुष्यंत उर्फ बिट्टू पुत्र कंचन लाल मेहता निवासी समरानियां एक ढाबे पर अपने दोस्त का जन्मदिन मना कर घर लौट रहा था।
नेशनल हाइवे पर वाहन चालकों का गलत दिशा में चलना ट्रेंड बन रहा है या मजबूरी। इस वजह से हादसों का खतरा बना रहता है। इसके बावजूद लोग लापरवाह बने हुए हैं। इस कारण से हाइवे पर लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नहीं जाता। रविवार रात दो बाइकों में भिड़ंत से एक युवक की मौत हो गई। इस मौत का कारण भी गलत दिशा में चलना रहा।
जानकारी के अनुसार महोदरा से दो सहरिया युवक तेज रफ्तार में गलत दिशा से आ रहे थे। इधर मृतक दुष्यंत उर्फ बिट्टू पुत्र कंचन लाल मेहता निवासी समरानियां एक ढाबे पर अपने दोस्त का जन्मदिन मना कर घर लौट रहा था। इस दौरान महोदरा बाइपास के नजदीक तेज रफ्तार बाइक ने उसे टक्कर मार दी। सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंची और एबुलेंस की सहायता से केलवाड़ा चिकित्सालय पहुंचाया। यहां से उसे बारां रैफर कर दिया गया। इसके बाद वहां से उसे कोटा रैफर किया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
नेशनल हाइवे पर हो रहे हादसों की प्रमुख वजह हाइवे पर कट नहीं होने की वजह से वाहन चालकों को गलत दिशा में चलना पड़ता है। हाइवे की और से केवल एक ही साइड में लिंक रोड दिया गया है। जबकि कस्बे में जाने के लिए तीनों जगह लिंक रोड होना चाहिए था। वहीं बारां से आ रहे वाहन चालकों के लिए दूसरी साइड जाने के लिए कोई कट नहीं है। इसलिए तीन गांव नारायण खेड़ा, महोदरा, ढिकवानी में जाने के लिए के लोगों को गलत दिशा में चलना पड़ता है। यही कारण हादसों की वजह बनता है। हालांकि पुलिस ध्यान दे तो इस पर लगाम लगाई जा सकती है।
दुसरी तरफ यदि तीनों गांवों के बाइपास पर कट बना दिए जाएं तो भी कुछ हद तक हादसों पर लगाम लग सकती है। ढिकवानी बाइपास से अंधाधुंध वाहन गलत दिशा में फर्राटे भरते देखें जा सकते हैं। क्योंकि नजदीकी पेट्रोल पंप पर ईंधन भरवाने के लिए वाहन चालक कस्बे के अन्दर से न होते हुए सीधा गलत दिशा पकड़ लेते हैं। इस पर कोई लगाम नहीं लग रही है। दूसरी तरफ किसी भी बाइपास पर तेज रफ्तार वाहनों की लगाम के लिए कोई बेरिकेट नहीं लगा रखा है। दोनों बाइपासों पर बेरिकेट लगें, ताकि तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम लगाई जा सके।