कोटा

Good News: भूखंडों की लॉटरी निकालने से पहले KDA करेगा ये काम, पहले ही दूर हो जाएगी कोर्ट स्टे, अतिक्रमण समेत अन्य खामियां

Rajasthan News: कोटा विकास प्राधिकरण (KDA) अब भूखंडों की लॉटरी निकालने से पहले योजना की भूमि की पूरी जांच करेगा। इससे कोर्ट स्टे, अतिक्रमण और डिमार्केशन से जुड़ी समस्याएं पहले ही दूर हो जाएंगी।
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Jan 15, 2026
Plots
File Photo: Patrika

KDA Inspection Before Plot Lottery: कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) की ओर से अब भूखंडों की लॉटरी निकालने से पहले योजना की भूमि की पूरी पड़ताल की जाएगी। ऐसे में भूखंड की लॉटरी के बाद आने वाली परेशानियों से आम जनता को राहत मिल सकेगी।

केडीए अधिकारियों ने बताया कि कोटा में पहले नगर विकास न्यास की ओर से भूखंड की लॉटरी निकालने से पहले डिमार्केशन का काम नहीं किया जाता था। ऐसे में कई बार भूखंड के नाप-तौल में आसपास के भूखंड वालों या जमीन वालों से विवाद हो जाता था। इसके अलावा कई योजनाओं की भूमि पर भूमि मालिक और नगर विकास न्यास के बीच वर्षाें तक अदालत में मामला चलता रहता था।

ऐसे में भूखंड की लॉटरी निकलने के बावजूद आवेदक को न्यायालय की प्रक्रिया के चलते भूखंड की राशि भुगतान के बावजूद मकान निर्माण की स्वीकृति नहीं मिल पाती थी और योजनाओं में आवश्यक मूलभूत सुविधाओं का विकास भी नहीं हो पाता था। इसके अलावा कई स्थान पर नगर विकास न्यास की भूमि पर अतिक्रमण भी होता है।

लॉटरी के बाद नहीं होगी परेशानी की गुंजाइश

केडीए के गठन के अधिकारियों की ओर से लॉटरी के बाद भूखंड धारियों को आने वाली परेशानियों को दूर करने को लेकर विचार किया जा रहा था। मामले पर अधिकारियों ने मंथन के बाद निर्णय लिया कि अब भूखंड की लॉटरी निकालने से पहले ही भूखंड की डिमार्केशन का काम कर लिया जाएगा। इस दौरान प्राधिकरण की ओर से जिस भूमि पर भूखंड की लॉटरी निकाली जा रही है।

उसकी पूरी पड़़ताल की जाएगी। इसके तहत भूमि पर किसी के अतिक्रमण होने या काबिज होने की पड़ताल होगी। इसके साथ ही भूमि को लेकर न्यायालय में चल रहे विवाद और प्राधिकरण व भूमि मालिक के विवाद को भी चेक किया जाएगा। किसी भी विवाद होने की स्थिति में योजना की लॉटरी नहीं निकाली जाएगी। ऐसे में लॉटरी के बाद होने वाली परेशानियों से आमजन को राहत मिल जाएगी। अधिकारियों की पूरी चेक योजना के डिमार्केशन का काम देखेगी। ऐसे में योजना में लॉटरी के बाद किसी परेशानी की गुंजाइश नहीं रहेगी।

आमजन को राहत देने पर फोकस

केडीए का लक्ष्य शहर का विकास करने के लिए आमजन को राहत देना है। ऐसे में सरकारी कार्यालयों में लोगों को चक्कर नहीं लगाने पड़े। इसके लिए योजना बनाकर काम किया जा रहा है। इससे जिन कामों के लिए लोगों को कई चक्कर लगाने पड़ते थे, वे काम अब एक बार में ही हो जाएंगे। इसके अलावा भूखंडों की लॉटरी निकलने के बाद आने वाली भूखंड मालिकों को आने वाली समस्याओं का भी निस्तारण हो जाएगा।

  • ममता तिवाड़ी, आयुक्त, कोटा विकास प्राधिकरण
Updated on:
15 Jan 2026 11:54 am
Published on:
15 Jan 2026 11:53 am