कोटा

अभयारण्य से निकल कर बाघ पहुंचा जंगल में, चार दिन बाद कैमरे में ट्रेप

कुछ दिनों से रणथम्भौर अभयारण्य से गायब बाघ टी-91 को तलवास के जंगल में चहलकदमी करते देखा गया। बाघ चार दिन बाद कैमरे में ट्रेप हो गया।

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Nov 23, 2017
बाघ टी-91

सवाईमाधोपुर टाइगर रिजर्व से निकलकर इंद्रगढ़ के जंगलों के रास्ते तलवास के जंगल में पहुंचा बाघ चार दिन बाद कैमरे में ट्रेप हो गया। बांसी गांव के समीप मंगलवार रात को बाघ कैमरे के आसपास से गुजरा। बाघ की पहचान टी-91 के रूप में हुई है, जो कुछ दिनों पहले रणथम्भौर अभयारण्य से निकल गया था। वन विभाग के स्थानीय कर्मचारी व रणथम्भौर की एक टीम बाघ की लगातार निगरानी कर रही है।

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कैमरों में कैद बाघ, टी-91 निकला

रविवार को बांसी के ग्रामीण राजू तेली ने पहाड़ी पर एक बाघ के आने की सूचना वन विभाग को दी थी। टीम ने जंगल व बांसी गांव के पास स्थित पानी वाले स्थानों पर सात कैमरे लगाए गए। मंगलवार रात करीब दस बजे बाघ कैमरों में कैद हो गया। बाघ रात को पहाड़ी से उतरकर गांव से पचास फीट की दूरी पर स्थित खाळ पर जाता है और पानी पीकर वापस पहाड़ी पर चला जाता है। बाघ की पूरी गतिविधि कैमरों में नजर आ रही है।

ऐसे हुई पहचान

टीम के सदस्यों ने बताया कि टी 91कुछ दिनों पहले रणथम्भौर अभयारण्य से निकल गया था। उसके तलवास के जंगल की तरफ आने की सूचना मिली थी। अब कैमरोंं के माध्यम से इस सम्बंध में स्थिति स्पष्ट हो गई है। वनकर्मियों ने बताया कि पिछले चार दिन से बाघ पहाड़ी पर एक ही स्थान पर डेरा जमाए हुए हैं। वह केवल पानी पीने के लिए नीचे उतरता है। अभी तक बाघ के शिकार करने की जानकारी नहीं मिल पाई है।

सुरक्षा के लिए कर रहे हैं ट्रैकिंग

केमला नाका के वनपाल शिव कुमार ने बताया कि बांसी गांव के पास नजर आ रहा बाघ टी 91 ही है, जो रणथम्भौर से पिछले कई दिनों से निकला हुआ है। बाघ की गतिविधियों पर निगरानी के लिए कैमरे लगाए गए हैं। उसकी निरन्तर ट्रैकिंग की जा रही है। ,

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Published on:
23 Nov 2017 02:38 pm
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