कोटा

महंत देवानंद हत्याकांड: आरोपियों ने जंगल में छुपाए थे हथियार, कोटा पुलिस ने किए बरामद

Rajasthan Crime: कोटा के चर्चित महंत देवानंद हत्याकांड की जांच में पुलिस को लगातार नए सुराग मिल रहे हैं। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार और वाहन बरामद किए है।
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Updated: 16 Jun 2026, 10:39 AM IST
Kota Mahant Devanand Murder
महंत के सोशल मीडिया हैंडल से ली फाइल फोटो

Mahant Devanand Maharaj Murder Case: कोटा के बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में चर्चित महंत देवानंद महाराज हत्याकांड की जांच में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियारों और वाहनों को बरामद किया है। बरामदगी में एक खंजर, 3 चाकू और दो बाइक शामिल हैं जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया है और साक्ष्य के रूप में जांच में शामिल किया गया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वारदात को अंजाम देने के बाद उन्होंने हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियारों को छिपा दिया था। आरोपियों ने बताया कि खंजर और चाकुओं को गामछ पुलिया के पास जंगल क्षेत्र में ले जाकर छिपाया गया था ताकि पुलिस उन्हें आसानी से बरामद न कर सके।

इसके बाद बोरखेड़ा थाना पुलिस टीम ने आरोपियों की निशानदेही पर सर्च ऑपरेशन चलाया और बताए गए स्थान से एक खंजर और तीन चाकू बरामद किए। पुलिस ने मौके से सभी हथियारों को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है, ताकि वारदात से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए जा सकें।

2 बाइक भी की बरामद

इसके अलावा पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई दोनों बाइक भी बरामद कर ली हैं। ये बाइक कोटा के उद्योग नगर थाना क्षेत्र में स्थित आरोपियों के आवास से जब्त की गई हैं। पुलिस का कहना है कि इन वाहनों का उपयोग वारदात के दौरान किया गया था और अब इन्हें भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। हत्या के पीछे की पूरी साजिश, वारदात की योजना, और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।

पुजारी ने करवाई थी रेकी

CI अनिल कुमार टेलर ने बताया कि जांच में सामने आया है कि वारदात से 4 दिन पहले पुजारी और चौकीदार ने ही मुख्य आरोपियों को मठ बुलाकर रेकी करवाई थी। उन्होंने मठ की व्यवस्था, महंत की दिनचर्या, कमरों की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी अहम जानकारी उपलब्ध करवाई। आरोपियों ने सुझाव दिया था कि वारदात के बाद मठ की तिजोरी तोड़कर नकदी निकाली जाए और बाहर खड़े वाहन में आग लगा दी जाए ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके। वहीं पुजारी नंदनवन के कमरे की कुंडी बाहर से बंद करना भी पूरी तरह से सोची-समझी साजिश का हिस्सा था।

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16 Jun 2026, 10:39 AM IST
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