कुचामन शहर

Khemaram Kumawat: शहीद खेमाराम का पार्थिव शरीर आज तिरंगा यात्रा संग पहुंचेगा गांव, सैन्य सम्मान से होगी अंतिम विदाई

Khemaram Kumawat : असम के जोरहाट एयरबेस पर विमान हादसे में शहीद हुए भारतीय वायु सेना के अग्निवीर खेमाराम कुमावत का पार्थिव शरीर रविवार को नहीं आज सोमवार को उनके पैतृक गांव कलाली नदी पहुंचेगा।

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Khemaram Kumawat : नावां. कलाली नदी गांव स्थित जवान के घर राज्यमंत्री विजय सिंह चौधरी, ग्रामीण व परिवारजन, अग्निवीर खेमाराम कुमावत। फोटो पत्रिका

Khemaram Kumawat : असम के जोरहाट एयरबेस पर विमान हादसे में शहीद हुए भारतीय वायु सेना के अग्निवीर खेमाराम कुमावत का पार्थिव शरीर सोमवार को उनके पैतृक गांव कलाली नदी पहुंचेगा। कागजी औपचारिकताओं, पोस्टमार्टम प्रक्रिया एवं मौसम संबंधी कारणों से पार्थिव शरीर रविवार को नहीं पहुंच सका। शहीद के पार्थिव शरीर का गांव में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। शहादत की खबर के बाद से कलाली नदी सहित पूरे नावां क्षेत्र में शोक की लहर है। रविवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन के लोग एवं क्षेत्रवासी शहीद के घर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। घर में माता-पिता, भाई-बहनों एवं अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटे ग्रामीण

अंतिम संस्कार को लेकर गांव में पांचोता तैयारियां जारी है। ग्राम पंचायत के प्रशासक महेन्द्र सिंह राठौड़ ने टीम से मोक्षधाम की साफ-सफाई एवं आवश्यक व्यवस्थाएं कराई। चार ट्रैक्टरों की सहायता से परिसर को व्यवस्थित किया गया। तहसीलदार रामेश्वर गढ़वाल ने शहीद के निवास एवं मोक्षधाम पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। राज्यमंत्री विजय सिंह चौधरी भी शहीद के घर पहुंचे और परिजनों को ढांढस हुए प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

तिरंगा यात्रा के साथ पहुंचेगा गांव

डीडवाना-कुचामन जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल राजेंद्र सिंह ने बताया कि पार्थिव शरीर नावां पहुंचने के बाद तिरंगा यात्रा के साथ पैतृक गांव कलाली नदी ले जाया जाएगा। वहां हजारों लोगों की मौजूदगी में भारतीय वायु सेना एवं प्रशासन की ओर से अंतिम सलामी दी जाएगी।

जानें शहीद खेमाराम कुमावत के बारे में…

जिस घर में कुछ दिनों बाद बेटे की सगाई की खुशियां गूंजने वाली थीं, वहां शनिवार 13 जून को अचानक मातम पसर गया। ग्राम पंचायत पांचोता के कलाली नदी निवासी भारतीय वायु सेना के अग्निवीर खेमाराम कुमावत (24 वर्ष) असम के जोरहाट एयरबेस पर हुए विमान हादसे में शहीद हो गए थे। पूरा परिवार स्तब्ध रह गया। माता-पिता की आंखों के सामने बेटे के सुनहरे भविष्य के सपने थे, लेकिन देश सेवा के मार्ग पर निकले इस जवान ने राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान देकर अपने जीवन को अमर कर दिया।

खेमाराम के परिवार में देश सेवा केवल पेशा नहीं बल्कि परंपरा है। खेमाराम चार भाई और एक बहन हैं। बड़े भाई गोविंद कुमावत सीआईएसएफ में कांस्टेबल हैं, जबकि छोटे भाई मनोज कुमावत सीआरपीएफ में हेड कांस्टेबल हैं। भाई राजेंद्र परिवार की जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। पिता रामदेव कुमावत ने वर्षों तक विदेश में मेहनत कर परिवार का पालन-पोषण किया और अब गांव में कृषि एवं पशुपालन से जुड़े हैं।

खेमाराम कुमावत का जन्म 2 अक्टूबर 2001 को हुआ था। खेमाराम बचपन से ही मेधावी, अनुशासित और मिलनसार स्वभाव के थे। वर्ष 2022 में भारतीय वायु सेना में अग्निवीरवायु के रूप में चयनित हुए।

खेमाराम कुमावत ने ने भारतीय वायु सेना में चयन के बाद बेलगांव (कर्नाटक) प्रशिक्षण प्राप्त किया था। पहली तैनाती उनकी सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल) में हुई थी। परिजनों के अनुसार पिछले तीन-चार माह से खेमाराम कुमावत असम के जोरहाट में तैनात थे। खेमाराम का चार वर्षीय कार्यकाल 6 महीने बाद दिसम्बर महीने में ही खत्म होने वाला था।

Published on:
15 Jun 2026 08:49 am