कुशीनगर जिले में तैनात एक महिला तहसीलदार पर उनके भाई ने ही गंभीर आरोप लगाया है, यह आरोप उनके द्वारा फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी पाने का है।
कुशीनगर जिले की प्रशासनिक मशीनरी में उस समय हड़कंप मच गया जब हाटा तहसीलदार जया सिंह पर उनके भाई विश्वजीत सिंह ने गंभीर आरोप लगाए हैं। विश्वजीत सिंह का दावा है कि जया सिंह और उनके भाई प्रशांत कुमार ने फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे सरकारी नौकरी हासिल की है।
हाटा तहसीलदार जया सिंह ने अपने बड़े भाई विश्वजीत सिंह द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि यह एक पारिवारिक विवाद का मामला है और बड़े भाई ने इसी कारण ये आरोप लगाए हैं। जया सिंह ने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
यह मामला तब सामने आया जब अयोध्या में जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार ने मंगलवार दोपहर अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी के समर्थन में इस्तीफा दिया था। प्रशांत कुमार ने इस्तीफे के समय कहा था कि शंकराचार्य की मुख्यमंत्री पर की गई टिप्पणी से उन्हें बहुत बुरा लगा और वे मुख्यमंत्री योगी का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकते।
प्रशांत कुमार के इस्तीफे के बाद उनके भाई विश्वजीत सिंह ने उन पर और उनकी बहन जया सिंह पर फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी करने का आरोप लगाया। विश्वजीत सिंह ने विशेष रूप से प्रशांत कुमार के दिव्यांगता प्रमाण पत्र पर सवाल उठाए, जिसे उन्होंने फर्जी बताया। इस मामले की जांच चल रही है।
बता दें कि इस इस मामले में जांच चल रही है। विश्वजीत सिंह ने अपने दावों में बताया कि प्रशांत कुमार की जन्म तिथि 28 अक्टूबर 1978 है। उन्होंने 27 अक्टूबर 2009 को 31 साल की उम्र में सीएमओ मऊ से 40 प्रतिशत दिव्यांगता का प्रमाण पत्र बनवाया था। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में 40 प्रतिशत दिव्यांगता पर 4 प्रतिशत का आरक्षण मिलता है, जिसका उपयोग कर उन्होंने 2011 बैच में चयन प्राप्त किया और नौकरी करने लगे।