
Lakhimpur Kheri Leopard attack : लखीमपुर खीरी से एक खबर सामने आई है, यहां पलियाकलां इलाके के देवीपुर गांव में एक मासूम बच्चा अपने पिता की आंखों के सामने ही मौत का शिकार बन गया। एक तेंदुए ने चार साल के बच्चे पर हमला किया और उसे मौत के घाट उतार दिया।
यह पूरी घटना चंदन चौकी के परसिया गांव का रहने वाला राधे अपने परिवार के साथ करीब 40 किलोमीटर दूर देवीपुर गांव में एक सिख परिवार के फार्म पर मजदूरी करने आया था। बुधवार को वह खेत में गन्ना छीलने के काम में लगा हुआ था और उसका चार साल का बेटा अराध्यम वहीं पास में खेल रहा था। शाम के करीब चार बजे, गन्ने के घने झुरमुट में घात लगाकर बैठे एक तेंदुए ने अचानक बच्चे पर झपट्टा मार दिया। पिता कुछ समझ पाता या उसे बचा पाता, उससे पहले ही तेंदुआ मासूम को अपने जबड़ों में दबाकर गन्ने के खेत के भीतर खींच ले गया।
राधे और वहां मौजूद दूसरे मजदूरों ने शोर मचाना शुरू किया, चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण भी लाठी-डंडे लेकर दौड़ पड़े, लेकिन गन्ने की फसल इतनी ऊंची और घनी थी कि तेंदुए को पकड़ पाना नामुमकिन था। जब लोग खेत के अंदर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद बच्चे को खोजा, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। तेंदुए ने मासूम अराध्यम को मार डाला। बच्चे का लहूलुहान शव खेत के बीच मिलने के बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया।
इस घटना के बाद इलाके के लोगों में वन विभाग को लेकर बहुत ज्यादा गुस्सा है। सूचना मिलने पर पलिया रेंजर विनय कुमार सिंह ने टीम भेजी और तेंदुए की तलाश शुरू की गई, लेकिन ग्रामीण इस बात से नाराज हैं कि इलाके में जंगली जानवरों का आतंक बढ़ता जा रहा है और उनकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए जा रहे। लोगों का कहना है कि अब खेतों में काम पर जाना मौत के साए में जीने जैसा हो गया है। हर तरफ दहशत का माहौल है और लोग अपने बच्चों को घर से बाहर निकालने में भी डर रहे हैं।