वीडियोकॉन समूह को बैंक ऋण देने में कथित अनियमितताओं और मनी लांड्रिंग की जांच से जुड़ा है मामला साल की शुरुआत में कोच दंपत्ति और उनकी कंपनियों की 78.15 करोड़ रुपए की संपत्तियों की ईडी ने की थी कुर्की
नई दिल्ली। इंफोर्समेंट डायरेक्ट्रेट ने वीडियोकॉन मामले में सालभर बाद बड़ी कार्रवाई करते हुए आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व प्रमुख चंदा कोचर ( Chanda Kochhar ) के पति दीपक कोचर को गिरफ्तार किया। जानकारी के अनुसार ईडी की ओर से पहले दीपक कोचर से पूछताछ की गई। उसके बाद मनी लांड्रिंग के मामले में गिरफ्ताार किया गया। यह गिरफ्तारी वित्तीय जांच एजेंसी की मुंबई शाखा की ओर से की गई है।
एक साल पहले हुई थी शिकायत दर्ज
वीडियोकॉन के डायरेक्टर वेणुगोपाल धूत, उनकी कंपनियों के खिलाफ सीबीआई द्वारा दर्ज की गई शिकायत के आधार पर पिछले साल ईडी ने मनी लांड्रिंग का मामला दर्ज किया था। साथ ही चंदा कोचर और उनके पति दीपक कोचर के खिलाफ भी शिकायत हुई थी। जिसके एक साल बाद यि बड़ी कार्रवाई की हुई है। ईडी की ओर से साल की शुरुआत में चंदा कोचर, दीपक कोचर और उनकी कंपनियों की 78.15 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियों की कुर्की की थी।
वीडियोकॉन से जुड़ा है मामला
यह पूरा मामला वीडियोकॉन समूह को बैंक ऋण देने में कथित अनियमितताओं और मनी लांड्रिंग की जांच से जुड़ा है।ईडी की जांच के अनुसार वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज लिमिटेड और उसकी समूह की कंपनियों को मंजूर किए गए 1,730 करोड़ रुपए के ऋण को पुनर्वित्त और नया ऋण दिया गया था और ये ऋण 30 मार्च, 2017 को आईसीआईसीआई बैंक के लिए एनपीए बन गए।
दीपक कोचर को हुआ था इस तरह से फायदा
ईडी की जांच के अनुसार चंदा कोचर की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा वीडियोकॉन इंटरनेशनल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड को स्वीकृत किए गए 300 करोड़ रुपए के कर्ज में से 64 करोड़ रुपए आठ सितंबर, 2009 को दीपक कोचर के स्वामित्व वाली नूपावर रिन्यूएबल्स प्राइवेट लिमिटेड में ट्रांसफर हुए थे। वीडियोकॉन ने यह रकम कर्ज मंजूर होने के एक दिन बाद स्थानांतरित की थी। इसके बाद इस रकम से दीपक कोचर की कंपनी ने 10.65 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया था।