डावोस के सम्मेलन में जैक मा ने दिए चार मंत्र। शिक्षा से लेकर उद्यमिता पर जोर देने की जरूरत। कहा- ऑनलाइन प्लेटफार्म से सरकारी कार्यों में बढ़ेगी पारदर्शिता।
नई दिल्ली।चीन की सबसे बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनी अलीबाबा ग्रुप ( Alibaba Group ) ने दुनियाभर के विकासशील देशों और सीईओ को एक खास सलाह दी थी। उन्होंने यह सलाह इसी साल डावोस के सम्मेलन में दी है। इस सलाह में उन्होंने यह बताया कि आखिर इन विकासशील देशों को ऐसा क्या करना चाहिए जिससे वो आगे भी सही रास्तों पर चलते हुए एक दिन सुपरवार बन सकें। उन्होंने यह 4 E के माध्यम से समझाया है। भारत में लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता पर काबिज होने का शानदार मौका मिला है। ऐसे में उनके पास जैक मा की इस खास सलाह को मानते हुए भारत को सुपरवार देशों की श्रेणी ला खड़ा करने का शानदार मौका है।
जैक मा ने जिन चार E के बारे में बात की है उसमें enterpreneur (उद्यमी), Education (शिक्षा), E-Infrastructure और E-Government है। आइए जानते हैं कि इन 4 E के माध्यम से आखिर कैसे इन विकासशील देशों को फायदा मिल सकता है।
1. Enterpreneur: किसी भी विकासशील देश में उद्यमियों के महत्व को समझाते हुए उन्होंने कहा कि उद्यमी साहसी होते हैं, युवा होते हैं और वो भविष्य को लेकर अधिक चिंतित नहीं रहते हैं। ऐसे में यह किसी भी देश के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। कई महत्वपूर्ण फैसलों के लिए साहसी होना बहुत जरूरी होता है।
2. Education: जैक मा की इस लिस्ट में जो दूसरी बात है वो शिक्षा है। शिक्षा को लेकर गंभीर रूप से बात करते हुए जैक मा कहते हैं, "शिक्षा की जो व्यवस्था हमारे पास है, उसे इंडस्ट्रीयल ऐज को ध्यान में रखते हुए करीब 200 साल पहले डिजाइन किया गया था। डाटा का समय पूरी दुनिया में आ चुका है। आखिर हमारे पास उसके लिए क्या सही शिक्षा व्यवस्था है।"
3. E-Infrastructure: आज के दौर के हिसाब से जैक मा ने जो सबसे जरूरी बात कही वो ये कि आज हर किसी तक इंटरनेट की पहुंच होना सबसे जरूरी है। भले ही वो फोन के माध्यम से ही हो। उन्होंने कहा इसका इस्तेमाल केवल ट्विटर या गेम खेलने के लिए ही नहीं होना चाहिए। इंटरनेट की मदद से संचार के साथ-साथ हम बिजनेस के लिए व्यापक स्तर पर इस्तेमाल कर सकते हैं।
4. E-Government: सभी विकसशील देशों के लिए जरूरी काम यह भी है कि उनकी सरकार भी ऑनलाइन माध्यम का भरपूरा प्रयोग करें। इसका सबसे बड़ा फायदा होगा कि सरकारी सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ेगी। इसे लेकर उन्होंने आगे कहा, "सरकार कभी इंटरनेट को नहीं बंद करेगी। यदि वो इंटरनेट को बंद करती है तो वो खुद को भी बंद करेगी।"
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