कॉर्पोरेट वर्ल्ड

टेलीकॉम सेक्टर के इस साइलेंट वॉर में कुमार मंगलम ने खोई 21 हजार करोड़ रुपए की संपत्ति

वोडाफोन ग्रुप के लगातार घाटे और कर्ज की वजह से तीन बिलियन डॉलर का हुआ नुकसान दो सालों में बिड़ला ग्रुप की संपत्ति 9 बिलियन डॉलर से 6 बिलियन डॉलर पर पहुंची

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Nov 22, 2019
Kumar Mangalam Lost 21000 cr due to silent war of telecom sector

नई दिल्ली।टेलीकॉम सेक्टर ( telecom sector ) की राहत किसी से छिपी नहीं है। भले ही सरकार ने टेलीकॉम कंपनीज ( telecom companies ) को 42 हजार करोड़ रुपए का बूस्टर डोज देने का ऐलान किया है, लेकिन बीते दो सालों में जो टेलीकाॅम कंपनियों को नुकसान ( Telecom Companies Loss ) हुआ है, उसका असर कंपनियों के ऑनर और उनकी बाकी कंपनियों पर दिखाई दिया है। अगर आप वोडाफोन ग्रुप ( Vodafone Group ) के इंडियन वेंचर की बात करें तो उसके मालिक कुमार मंगलम बिड़ला ( kumar manglam birla ) को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है। यह नुकसान इतना बड़ा है कि दो सालों में कुमार मंगलम की एक तिहाई संपत्ति कम हो गई है। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर बिड़ला ग्रुप ( Birla Group ) के मालिक के पास कितनी संपत्ति थी और अब कितनी हो गई है?

दो सालों में 3 बिलियन संपत्ति का नुकसान
देश के सबसे बड़े बिजनेस टाइकून में से एक और बिड़ला ग्रुप के मालिक कुमार मंगलम बिड़ला को टेलीकॉम सेक्टर के प्राइस वॉर से सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है। इस वॉर की वजह से कुमार मंगलम बिड़ला को दो तीन बिलियन डॉलर यानी 21.55 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हो गया है। मतलब साफ है कि उन्होंने अपनी कुल संपत्ति का एक तिहाई हिस्सा खो दिया है। बिड़ला ग्रुप ने पिछले साल वोडाफोन के साथ मर्जर किया था। वर्ष 2017 के अंत से ही कुमार मंगलम की संपत्ति में कमी आनी शुरू हो गई थी। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट की मानें तो इसकी सबसे बड़ी वजह वोडाफोन ग्रुप पर बढ़ते कर्ज और लगातार घाटे में रहना है।

9 बिलियन डॉलर से 6 बिलियन डॉलर पर आई संपत्ति
ब्लूमबर्ग बिलिनियर्स इंडेक्स की रिपोर्ट के अनुसार दो साल पहले कुमार मंगलम की कुल संपत्ति 9.1 बिलियन डॉलर थी। मौजूदा समय में यह संपत्ति 6 बिलियन डॉलर के आसपास रह गई है। वहीं केमिकल्स, मेटल और सीमेंट मार्केट में भी कुमार मंगलम की कंपनी का अच्छा खासा दखल है। जिनके शेयर भी डिमांड कम होने के कारण गिरे हैं। यह भी संपत्ति कम होने का मुख्य कारण है। आदित्य बिड़ला ग्रुप के पास हिंडाल्को इंडस्ट्रीज के भी स्टेक हैं। पहीं ग्रासिम इंडस्ट्रीज का भी मालिकाना हक है।

दूसरी तिमाही में वोडाफोन को हुआ सबसे बड़ा घाटा
वित्त वर्ष 2019 की दूसरी तिमाही में वोडाफोन आईडिया को कारोबारी जगत का सबसे बड़ा घाटा झेलना पड़ा है। आंकड़ों की मानें तो वोडाफोन आईडिया को सितंबर तिमाही में 50913 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। जो एक रिकॉर्ड बन गया है। इससे पहले इससे पहले टाटा मोटर्स को दिसबंर 2018 में करीब 26,992 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। वहीं रिलायंस कम्युनिकेशन, टाटा स्टील, भूषण स्टील, इंडियन ऑयल जैसी कंपनियां भी एक तिमाही में मोटा नुकसान झेल चुकी है।

Published on:
22 Nov 2019 01:20 pm
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