कॉर्पोरेट वर्ल्ड

ब्रिटेन की हाईकोर्ट से नीरव मोदी को झटका, जमानत याचिका खारिज

नीरव मोदी के वकील ने जमानत के लिए कोर्ट में रखे थे तर्क वकील ने कहा, जमानत मिलने पर मैन ट्रैकर डिवाइस लगाने तैयार हैं नीरव मोदी भारत सरकार के पक्षकारों ने मोदी के वकील के तर्कों पर जताई आपत्ति

3 min read
नीरव मोदी ने जमानत के लिए जताई अजीबोगरीब ख्वाहिश, कहा- कहीं नहीं भाग पाउंगा

नई दिल्ली। नीरव मोदी को ब्रिटेन की हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने बुधवार को सुनवाई के दौरान नीरव मोदी और उसके वकील द्वारा एक दिन पहले की सुनवाई के दौरान रखे तमाम तर्कों को नजरअंदाज कर दिया और जमानत याचिका को खारिज कर दिया। आपको बता दें कि मंगलवार को कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद बुधवार को फैसला सुनाने को कहा था। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर नीरव मोदी और उसके वकील ने जमानत के लिए क्या तर्क सामने रखे थे।

ब्रिटेन हाईकोर्ट में सुनवाई खत्म
पंजाब नेशनल बैंक से करीब 13 हजार करोड़ रुपए का चूना लगाकर लंदन आने वाले नीरव मोदी कोर्ट में अपनी जमानत के लिए जंग लड़ रहे हैं। ब्रिटेन की कोर्ट में उनकी सुनवाई मंगलवार को खत्म हो गई। अब उस बुधवार शाम तक फैसला आने की उम्मीद जताई जा रही है। इस मामले में जस्टिस इंग्रिड सिमलर ने सुनवाई पूरी की। सुनवाई खत्म होने के बाद उन्होंने कहा कि यह केस काफी महत्वपूर्ण है, इस पर विचार करने के लिए कुछ समय की और जरूरत होगी। जिसके बाद बुधवार को फैसला सुनाया जाएगा। आपको बता दें कि इस मामले में भारत सरकार का पक्ष क्राउन प्रोसीक्यूशन सर्विस रख रही है।

जमानत के लिए पहली दलील
जमानत के लिए नीरव मोदी के वकील ने तर्क दिया कि सफेदपोश अपराध में कहीं भाग जाने की गुंजाइश कम होती है। जिसके बाद जज ने जवाब देते हुए कहा कि शायद नीरव मोदी ऐसा ना करना चाहते हों, लेकिन ऐसा संभव भी हो सकता है। भारत सरकार की ओर से पैरवी कर रहे वकील ने कोर्ट में कहा था कि जमानत मिलने के बाद नीरव मोदी फरार हो सकता है। नीरव मोदी के लॉयर ने कहा कि स्विट्जरलैंड और अन्य स्थानों पर उनकी संपत्ति को फ्रीज कर दिया गया है।

जमानत के लिए दूसरा और सबसे दिलचस्प तर्क
नीरव मोदी के वकील की ओर से जो आगे तर्क दिया वो बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाला है। उन्होंने जज के सामने तर्क दिया कि नीरव मोदी लंदन पूंजी इक_ा करने के लिए आए हैं। अगर उन्हें इसके लिए जमानत मिलती है तो वो अपने आपको मैन ट्रैकर डिवाइस से टैग कर लेंगे। जिससे पुलिस और जांच एजेंसियां उनके बारे में पता लगाती रहेगी। उन्हें आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा।

जमानत के लिए तीसरा तर्क
नीरव मोदी के वकी ओर से तीसरा तर्क दिया गया कि नीरव के खिलाफ प्रत्यर्पण का मामला शुरू हो चुका है, इसलिए उनके भागने का सवाल पैदा नहीं होता। वहीं दूसरी ओर उनके बेटे और बेटी इंग्लैंड में यूनिवर्सिटी खोलने जा रहे हैं। जिसके वे लंदन में आते जाते रहेंगे।

क्राउन प्रॉसेक्यूशन सर्विस ने जताई आपत्ति
वहीं दूसरी ओर भारत सरकार का पक्ष रख रहे क्राउन प्रॉसेक्यूशन सर्विस ने नीरव मोदी की वकील के तर्क पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि आरोप फर्जीवाड़े और आपराधिक कृत्य का है। जिसपर जज ने कहा कि ये बस आरोप हैं। यह अनसिक्यॉर्ड लेंडिंग का मामला है। ऐसे में इस मामले को तय सीमा में निपटाना होगा जरूरी होगा।

Business जगत से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter पर और पाएं बाजार, फाइनेंस, इंडस्‍ट्री, अर्थव्‍यवस्‍था, कॉर्पोरेट, म्‍युचुअल फंड के हर अपडेट के लिए Download करें patrika Hindi

Updated on:
12 Jun 2019 04:55 pm
Published on:
12 Jun 2019 02:56 pm
Also Read
View All