अप्रैल 2026 से UPI के जरिए सीधे बैंक खाते में निकाल सकेंगे PF का पैसा। जानें 100% निकासी के नए नियम और EPFO UPI Withdrawal April की पूरी जानकारी।
EPFO UPI Withdrawal April: अगर आप नौकरी करते हैं, तो पीएफ (EPF) का पैसा निकालने के चक्कर में ऑनलाइन पोर्टल पर बार-बार क्लेम स्टेटस चेक करना आपके लिए कोई नई बात नहीं होगी। लेकिन अब यह सिरदर्दी हमेशा के लिए खत्म होने वाली है। सरकार एक ऐसा सिस्टम ला रही है जिससे आपके पीएफ का पैसा किसी बैंक खाते की तरह आपके इशारों पर चलेगा।
ताजा जानकारी के मुताबिक, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) जल्द ही UPI के जरिए सीधे पैसे निकालने की सुविधा शुरू करने जा रहा है। माना जा रहा है कि इस साल अप्रैल तक यह सिस्टम पूरी तरह काम करने लगेगा।
अभी तक होता यह है कि जब भी हमें पीएफ के पैसों की जरूरत होती है, तो हमें विड्रॉल क्लेम फाइल करना पड़ता है। इसमें वक्त लगता है और कई बार क्लेम रिजेक्ट भी हो जाता है।
नए सिस्टम में आपके पीएफ फंड का एक बड़ा हिस्सा अवेलेबल बैलेंस के रूप में दिखाई देगा। आप जैसे ही अपने बैंक खाते से जुड़े UPI पिन का इस्तेमाल करेंगे, वह पैसा तुरंत आपके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर हो जाएगा। इसके बाद आप उस पैसे को एटीएम से निकालें या ऑनलाइन शॉपिंग में खर्च करें, यह पूरी तरह आप पर निर्भर होगा।
EPFO ने इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए अपने बरसों पुराने और पेचीदा नियमों में बड़ी काट-छांट की है। अक्टूबर 2025 में हुई बैठक में बोर्ड ने 13 अलग-अलग जटिल नियमों को खत्म कर उन्हें सिर्फ 3 आसान कैटेगेरी में बांट दिया है।
सबसे अच्छी बात यह है कि अब सदस्य अपनी पात्रता के हिसाब से 100% तक पैसा निकाल सकेंगे। इसमें कर्मचारी और नियोक्ता (Employer) दोनों का हिस्सा शामिल होगा।
यहां एक छोटा सा पेंच है, जो असल में आपके फायदे के लिए ही है। सरकार ने तय किया है कि आपके कुल फंड का 25% हिस्सा हमेशा खाते में जमा रहेगा। इसके पीछे दो बड़े कारण हैं।
रिटायरमेंट की बचत: ताकि बुढ़ापे के लिए भी कुछ पैसा बचा रहे।
शानदार ब्याज: पीएफ पर मिलने वाला 8.25% का ब्याज आपको इस बचे हुए बैलेंस पर मिलता रहेगा, जो कि ज्यादातर बैंकों के सेविंग अकाउंट से कहीं ज्यादा है।
दरअसल, EPFO हर साल करीब 5 करोड़ से ज्यादा क्लेम प्रोसेस करता है। इनमें से ज्यादातर क्लेम एडवांस पैसे निकालने के ही होते हैं। सॉफ्टवेयर की कुछ दिक्कतों को दूर करने के बाद जब यह UPI सिस्टम लागू हो जाएगा, तो न केवल 8 करोड़ सब्सक्राइबर्स का काम आसान होगा, बल्कि EPFO के ऊपर से भी कागजी कार्रवाई का बोझ कम हो जाएगा।
फिलहाल ऑटो-सेटलमेंट के जरिए 5 लाख रुपये तक का क्लेम 3 दिन में निपटाया जा रहा है, लेकिन नया UPI सिस्टम इस समय को घटाकर कुछ सेकंड्स में बदल देगा।
UPI के जरिए पैसा निकालना सुनने में जितना आसान है, उसके लिए आपका डिजिटल रिकॉर्ड उतना ही दुरुस्त होना चाहिए। अगर आप भी अप्रैल में इस सुविधा का लाभ लेना चाहते हैं, तो ये चीजें अभी चेक कर लें।
मोबाइल नंबर का मिलान: सबसे जरूरी बात यह है कि आपका वही मोबाइल नंबर EPFO में रजिस्टर्ड होना चाहिए जिससे आपका UPI (Google Pay, PhonePe, आदि) चलता है। अगर दोनों नंबर अलग-अलग हैं, तो अभी ई-सेवा पोर्टल पर जाकर इसे अपडेट कर लें।
KYC और बैंक सीडिंग: पक्का करें कि आपका UAN आपके उस बैंक खाते से लिंक (Seed) है जिसे आप सबसे ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। अगर बैंक खाता पुराना है या बंद हो चुका है, तो नया खाता तुरंत अपडेट करें, वरना ट्रांजैक्शन फेल हो सकता है।
आधार लिंकिंग अनिवार्य: बिना आधार लिंक हुए पीएफ का कोई भी काम अब संभव नहीं है। चेक कर लें कि आपकी आधार डिटेल, जैसे नाम और जन्मतिथि, पीएफ रिकॉर्ड से हूबहू मिलती हो।
भले ही पैसा निकालना अब आसान हो जाएगा, लेकिन एक बात याद रखिएगा आपके पीएफ पर 8.25% का सालाना ब्याज मिलता है। यह किसी भी बचत खाते (Savings Account) या एफडी (FD) से अक्सर ज्यादा होता है।
इसलिए जरूरत पड़ने पर ही निकालें: सुविधा आसान होने का मतलब यह नहीं कि बिना वजह फंड खाली किया जाए। इसे अपने रिटायरमेंट के लिए बढ़ने दें।
सुरक्षा का रखें ध्यान: EPFO कभी भी आपसे कॉल पर UPI पिन या ओटीपी (OTP) नहीं मांगता। पैसे निकालने के लिए हमेशा आधिकारिक ऐप या पोर्टल का ही इस्तेमाल करें।
कुल मिलाकर, अब आपको अपने ही पैसों के लिए हफ्तों इंजतार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बस अपना UPI पिन याद रखिएगा, अप्रैल से आपकी जेब और पीएफ के बीच की दूरी खत्म होने वाली है।