गूगल क्रोम में पाई गई इस बड़े सिक्योरिटी ग्लिच के जरिए हैकर्स यूजर्स के डिवाइस को रिमोटली एक्सेस कर सकते हैं।
गूगल क्रोम एक पॉपुलर और सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाला वेब ब्राउजर है। वहीं गूगल ने क्रोम ब्राउजर को लेकर चेतावनी जारी की है और यूजर्स को इसे तुरंत अपडेट करने के लिए कहा है। अगर यूजर क्रोम ब्राउजर को अपडेट नहीं करते हैं तो इसके जरिए हैकर्स उनका निजी डेटा चुरा सकते हैं। दरअसल, गूगल क्रोम में हाल ही एक कमी आई थी, जिसका गलत इस्तेमाल कर हैकर्स यूजर्स का डेटा चुरा सकते हैं। हालांकि गूगल का कहना है कि उसने इस कमी को ठीक कर लिया है। गूगल क्रोम में पाई गई इस बड़े सिक्योरिटी ग्लिच के जरिए हैकर्स यूजर्स के डिवाइस को रिमोटली एक्सेस कर सकते हैं।
तुरंत अपडेट करें क्रोम ब्राउजर
जिन यूजर्स ने अपने डिवाइस में गूगल क्रोम इंस्टॉल कर रखा है, उन्हें तुरंत अपने ब्राउजर को अपडेट करने की जरूरत है। अगर यूजर गूगल क्रोम को अपडेट नहीं करते हैं तो हैकर्स यूजर्स के डिवाइस को कंट्रोल कर सकते हैं। इतना ही नहीं ब्राउजर में कमी की वजह से डेटा के एक्सपोज होने का खतरा भी हो सकता है। ऐसे में अगर आप भी क्रोम ब्राउजर का इस्तेमाल कर रहे हैं तो क्रोम के लेटेस्ट वर्जन को जल्दी से इंस्टॉल कर लें।
डार्क वेब पर बेचा जाता है डेटा
गूगल ने अपने ब्लॉग में बताया है कि क्रोम में जो बग पाया गया था, वह पहले से ही इस्तेमाल में पाया गया था, जिसका मतलब है कि यह एक zero-day vulnerability (or 0-day) है। जीरो-डे एक ऐसी सिक्यॉरिटी खामी होती है, जिसका इस्तेमाल हैकर्स उस कंपनी की जानकारी के बिना करते हैं जिसने ऐप या सर्विस बनाई है। इसमें हैकर्स डेटा चुराने के बाद उसे डार्क वेब पर लाखों डॉलर में बेचते हैं।
क्रोम का यह वर्जन है इंस्टॉल तो आप सुरक्षित
जिन यूजर्स के ब्राउजर अपडेट द्वारा पैच नहीं किए गए हैं, वह उस बग से प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में क्रोम ब्राउजर पर ओपन-सोर्स जावास्क्रिप्ट इंजन में किसी समस्या के कारण किसी हमलावर को अपने डेटा तक पहुंचने दे सकता है। ऐसे में अपने पुराने क्रोम ब्राउजर को अपडेट कर लें या उसका लेटेस्ट वर्जन इंस्टॉल कर लें। क्रोम वर्जन को अपडेट करने के लिए Settings > Help > About Google Chrome में जाना होगा। अगर आप वर्जन 91.0.4472.164 या बाद का वर्जन चला रहे हैं, तो आप बग से सुरक्षित हैं।