
Laptop Price Increase 2026: अगर आप नया लैपटॉप खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आने वाले समय में इसके लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर कंपोनेंट्स की बढ़ती कीमतों के कारण लैपटॉप की कीमतें आने वाले महीनों में 20 से 35 प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं। इसका सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ने की संभावना है, खासकर भारत जैसे कीमत-संवेदनशील बाजार में।
रिपोर्ट के अनुसार, लैपटॉप के कई अहम कंपोनेंट्स जैसे मेमोरी चिप्स और ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
टेक कंपनियों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर के विस्तार के कारण इन कंपोनेंट्स की मांग तेजी से बढ़ी है। यही वजह है कि सप्लाई पर दबाव पड़ रहा है और कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि कीमतों में बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर गेमिंग लैपटॉप और हाई-परफॉर्मेंस डिवाइसेज पर पड़ सकता है।
इन लैपटॉप्स में डिस्क्रीट GPU और हाई-स्पीड मेमोरी का इस्तेमाल होता है, जिनकी सप्लाई फिलहाल सीमित बताई जा रही है। ऐसे में इन सेगमेंट के प्रोडक्ट्स की कीमतें अपेक्षाकृत ज्यादा बढ़ सकती हैं।
मार्केट रिसर्च फर्मों के अनुमान के अनुसार, आने वाले महीनों में DRAM और NAND फ्लैश मेमोरी चिप्स की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, DRAM कॉन्ट्रैक्ट प्राइस में दूसरी तिमाही में 10 से 15 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है। NAND फ्लैश की कीमतें भी 3 से 8 प्रतिशत तक बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। मेमोरी मैन्युफैक्चरर्स द्वारा हाल के महीनों में उत्पादन कम करने से बाजार में सप्लाई कम हो गई है, जिससे कीमतें ऊपर जा रही हैं।
कंपोनेंट्स महंगे होने और डिवाइस की कीमत बढ़ने के कारण वैश्विक PC बाजार में भी गिरावट की संभावना जताई जा रही है।
मार्केट रिसर्च कंपनियों का अनुमान है कि इस साल ग्लोबल PC मार्केट में करीब 8 प्रतिशत तक गिरावट देखी जा सकती है। इसके पीछे प्रमुख कारण बढ़ती कीमतें और उपभोक्ताओं द्वारा नए डिवाइस खरीदने में देरी करना बताया जा रहा है।
अगर आप नया लैपटॉप खरीदने का सोच रहे हैं, तो आने वाले समय में कीमतें बढ़ सकती हैं। ऐसे में कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि जो लोग जल्द लैपटॉप खरीदने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए अभी खरीदना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।
हालांकि कंपनियां शुरुआत में कुछ समय तक कीमतों का दबाव खुद झेल सकती हैं, लेकिन अगर कंपोनेंट्स की कीमतें लगातार बढ़ती रहीं तो आने वाले महीनों में उपभोक्ताओं को महंगे लैपटॉप का सामना करना पड़ सकता है।