
दिग्गज सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) एक ऐसे प्रोजेक्ट पर काम कर रही है, जिसके जरिए यूजर्स विंडोज 10 (windows 10) पर एंड्रॉयड एप्स (Android apps) चला सकेंगे। माइक्रोसॉफ्ट के इस प्रोजेक्ट का नाम प्रोजेक्ट लाटे (Project Latte) है। इसमें एप डेवलपर्स कोड्स में थोड़े बहुत बदलाव के साथ अपने एंड्राइड एप को सीधे विंडोज एप पर चला सकेंगे। विंडोज सेंट्रल की रिपोर्ट्स के अनुसार, डेवलपर्स को अपने एंड्राइड एप्स को एमएसआईएक्स फॉरमेट के अनुसार पैकेज करना होगा और इसे माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस में सबमिट करना होगा।
फिलहाल योर फोन के जरिए व्यवस्था
एमएसआईएक्स एक विंडोज ऐप पैकेज फॉरमेट है जो सभी विंडोज एप्स को आधुनिक पैकेजिंग अनुभव मुहैया कराता है। मैजूदा समय में यूजर विंडोज 10 के लिए बने एप योर फोन के जरिए अपने पीसी पर एंड्राइड ऐप चला सकते हैं। हालांकि इसका इस्तेमाल कुछ सैमसंग फोन से ही किया जा सकता है।
प्ले सर्विस को सपोर्ट नहीं करेगा
प्रोजेक्ट लाटे से अब डेवलपर्स अपने उन एप को विंडोज 10 पर ला सकेंगे, जिनके विंडोज वर्जन उपलब्ध नहीं थे। प्रोजेक्ट लाटे हालांकि प्ले सर्विस को सपोर्ट नहीं करेगा, क्योंकि गूगल नेटिव एंड्रॉयड एप और क्रोम ओसएस को छोड़कर इस सेवा को कहीं भी इंस्टाल करने की अनुमति नहीं देता है।
माइक्रोसॉफ्ट डेवलेप करेगा 50 करोड़ एप्स
माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) द्वारा अगले पांच वर्षो में 50 करोड़ से अधिक नए एप्लिकेशन डेवलप किए जाने की उम्मीद है। पिछले दिनों माइक्रोसॉफ्ट इंडिया के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर राजीव सोढ़ी ने एक वर्चुअल इवेंट में इस बात के संकेत दिए। राजीव सोढ़ी ने कहा कि अधिकांश एप्स के लो कोड-प्लेटफॉर्म पर विकसित होने की उम्मीद है।
विंडोज पीसी के लिए लॉन्च की अत्यधिक सुरक्षित चिप
इसके अलावा माइक्रोसॉफ्ट ने पिछले दिनों एक नई सुरक्षा चिप लॉन्च की है, जिसका नाम प्लूटोन है। इसे भविष्य के विंडोज पर्सनल कम्प्यूटर की सुरक्षा के लिए डिजाइन किया गया है। कंपनी का कहना है कि यह प्लूटोन सिक्योरिटी प्रोसेसर अगली पीढ़ी के पीसी को हार्डवेयर सुरक्षा देगा। यह चिप-टू-क्लाउड सुरक्षा तकनीक जो एक्सबॉक्स और एज्योर क्षेत्र में अग्रणी है। यह भविष्य के विंडोज पीसी के लिए और भी अधिक सुरक्षा लाएगी।