टेक्नोलॉजी

WhatsApp पर आया ट्रैफिक चालान भरने का लिंक, क्लिक करने पर उड़ गए 4 लाख रुपये

WhatsApp Traffic Challan Scam: WhatsApp पर आए ट्रैफिक चालान लिंक पर क्लिक करते ही दिल्ली के व्यक्ति ने गंवाए 4 लाख रुपये। जानें कैसे होता है यह स्कैम और खुद को सुरक्षित रखने के तरीके।
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Feb 04, 2026
WhatsApp Traffic Challan Scam
WhatsApp Traffic Challan Scam (Image: ChatGPT)

WhatsApp Traffic Challan Scam: अगर आपके WhatsApp पर ट्रैफिक चालान भरने से जुड़ा कोई मैसेज आता है, तो बेहद सतर्क हो जाएं। एक छोटी-सी गलती आपके बैंक अकाउंट पर भारी पड़ सकती है। दिल्ली में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने फर्जी ट्रैफिक चालान के झांसे में आकर लगभग 4.05 लाख रुपये गंवा दिए। आइए जानते हैं कि यह ऑनलाइन स्कैम कैसे हुआ।

कैसे बुना गया ठगी का जाल?

दिल्ली के रहने वाले इस व्यक्ति को WhatsApp पर एक मैसेज मिला, जो देखने में बिल्कुल आधिकारिक ट्रैफिक चालान नोटिस जैसा था। मैसेज में दावा किया गया था कि उन्होंने यातायात नियमों का उल्लंघन किया है और यदि समय पर चालान का भुगतान नहीं किया गया, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करने के बाद, पीड़ित ने अनजाने में एक फर्जी APK (Android Package Kit) फाइल डाउनलोड और इंस्टॉल कर ली। इस ऐप को जरूरी अनुमति देने के बाद स्कैमर्स को फोन के SMS और कुछ अन्य संवेदनशील डेटा तक पहुंच मिल गई।

इसके कुछ समय बाद पीड़ित को ई-मेल के जरिए सूचना मिली कि उसके Amazon ई-वॉलेट का पासवर्ड बदल दिया गया है। इसके तुरंत बाद अलग-अलग बैंकों से हाई-वैल्यू क्रेडिट कार्ड ट्रांजेक्शन के SMS अलर्ट आने लगे।

किस तरीके से किया गया डिजिटल स्कैम?

पुलिस के अनुसार, स्कैमर्स ने पीड़ित के फोन में सेव क्रेडिट कार्ड डिटेल्स का दुरुपयोग किया। इन जानकारियों का इस्तेमाल कर ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म से ई-गिफ्ट कार्ड खरीदे गए, जिन्हें स्कैमर्स के ई-मेल एड्रेस पर डिजिटल रूप से डिलीवर कर दिया गया।

ई-गिफ्ट कार्ड की ट्रैकिंग लगभग असंभव होने के कारण, पैसे वापस पाना बेहद मुश्किल हो गया। जब तक पीड़ित को पूरी सच्चाई समझ आई, तब तक उसे करीब 4.05 लाख रुपये का नुकसान हो चुका था।

इसके बाद पीड़ित ने National Cyber Crime Reporting Portal पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया।

WhatsApp चालान स्कैम कैसे काम करता है?

आजकल साइबर ठग सीधे वेबसाइट लिंक भेजने की बजाय APK फाइल भेज रहे हैं, जिससे वे ज्यादा आसानी से लोगों के फोन तक पहुंच बना सकें।

  • नकली इंटरफेस: मैसेज और ऐप सरकारी परिवहन विभाग जैसा दिखता है।
  • भ्रामक चेतावनी: कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर जल्दी भुगतान के लिए दबाव।
  • अनुमतियों का दुरुपयोग: ऐप इंस्टॉल करते समय SMS या अन्य एक्सेस ले लिया जाता है।
  • OTP की चोरी: बैंक ट्रांजेक्शन के लिए आने वाले OTP स्कैमर्स तक पहुंच जाते हैं।
  • खाता खाली: बिना पीड़ित की जानकारी के पैसे निकाल लिए जाते हैं।

जरूरी चेतावनी

परिवहन विभाग या ट्रैफिक पुलिस WhatsApp पर कभी भी चालान भरने का लिंक या APK फाइल नहीं भेजती। चालान की जानकारी हमेशा केवल आधिकारिक वेबसाइट या सरकारी ऐप पर ही जांचें।

Updated on:
04 Feb 2026 05:34 pm
Published on:
04 Feb 2026 05:34 pm