
Cheapest Gold Buying Markets In India: भारत में सोना लोग सेविंग के साथ-साथ रोजाना के इस्तेमाल के लिए खरीदना पसंद करते हैं। लेकिन इन दिनों सोने के दाम बढ़ने के वजह से ज्यादातर लोग चाहकर भी खरीद नहीं पा रहे हैं। इसलिए आज की स्टोरी में हम देश के 5 ऐसी बाजार के बारे में बताने जा रहे हैं जहां सोना दूसरे जगहों की तुलना में सस्ता पड़ता है।
मुंबई में, जहां रहने और खाने-पीने का खर्च अन्य शहरों के मुकाबले काफी अधिक है, वहीं यहां का जावेरी बाजार सोने की खरीदारी के लिए किफायती है।
सस्ता होने के संभावित कारण: में कड़ी प्रतिस्पर्धा, सीधा थोक आयात और विक्रेताओं द्वारा कम लाभ मार्जिन रखना शामिल है। यहां मैन्युफैक्चरर्स से लेकर होलसेलर्स और रिटेलर्स तक सभी उपलब्ध हैं। होलसेल डीलर्स की मौजूदगी के कारण यहां 'मेकिंग चार्जेस' अक्सर काफी कम होते हैं, जिससे सोना सस्ता पड़ता है।
जौहरी बाजार 'पिंक सिटी' जयपुर के सबसे पुराने बाजारों में से एक है। 18वीं सदी में स्थापित यह बाजार कुंदन-मीनाकारी के पारंपरिक आभूषणों, कीमती रत्नों, साड़ियों और राजस्थानी हस्तशिल्प के लिए विश्व प्रसिद्ध है। यहां हर गली में कुशल कारीगर और छोटी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स मौजूद हैं।
सस्ता होने के संभावित कारण: शानदार कारीगरी के साथ-साथ यहां सोना सस्ता होने का मुख्य कारण इसका 'होलसेल हब' होना है। यहां सीधा निर्माण और बड़ी मात्रा में आयात होता है, जिससे बिचौलियों का खर्च बचता है। बाजार की कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण दुकानदार ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कम 'मेकिंग चार्ज' पर आभूषण तैयार करते हैं।
बेंगलुरु स्थित चिकपेट मार्केट में सोना मुख्य रूप से कड़ी प्रतिस्पर्धा, कम मेकिंग चार्ज और कम ओवरहेड्स के कारण सस्ता मिलता है। यहां बड़े ब्रांड्स के साथ-साथ छोटी और पुरानी फैमिली-रुन ज्वेलरी शॉप्स भी हैं। जिसके चलते शोरूम्स के मुकाबले यहां ओवरहेड खर्चे कम होते हैं, जिसका फायदा सीधे ग्राहकों को मिलता है। यहां आपको साउथ इंडियन ट्रेडिशनल डिजाइन्स और मॉडर्न स्टाइल, दोनों ही बजट में मिल जाएंगे।
कोलकाता का बोबाजार पुराने समय से ही सोने के आभूषणों की खरीदारी के लिए मशहूर है। इस बाजार की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां खरीदार सीधे कारीगरों से जुड़े होते हैं, इसलिए लेबर कॉस्ट काफी कम रहती है। इसका लाभ ग्राहकों को उचित दाम में शानदार और यूनिक गहने मिलने के रूप में मिलता है। इसके अलावा, यहां थोक बाजार की उपलब्धता, कड़ी प्रतिस्पर्धा, सीधे कारीगरों द्वारा गहने बनाने और बेहतर मोल-भाव करने की सुविधा मिलती है।
हैदराबाद के चारमीनार के पास स्थित लाड बाजार में सोना अन्य बाजारों की तुलना में सस्ता इसलिए मिलता है क्योंकि यहां बिचौलिए नहीं होते। यहां की अधिकांश दुकानें पीढ़ियों पुरानी वाली हैं और स्थानीय कारखानों से सीधे जुड़कर काम करती हैं, जिससे मेकिंग चार्ज और ओवरहेड खर्च कम हो जाते हैं। यदि आप यहां से सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो शाम का समय खरीदारी के लिए सबसे सही है। सोने के गहनों के अलावा, यह बाजार अपनी लाख की चूड़ियों, मोतियों और पारंपरिक हैदराबादी जेवरातों के लिए भी प्रसिद्ध है।
ध्यान दें, यहां दी गई जानकारी इंटरनेट पर मौजूद सूचनाओं के आधार पर है। इसलिए, सोने की खरीदारी से पहले बाजार का भाव चेक करें और फिर गोल्ड शॉपिंग करें।