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Gold Price: दुनिया में सोना सस्ता लेकिन भारत में महंगा क्यों? 2026 में अब तक 17.6% मिल चुका है रिटर्न

Gold Prices India: WGC की रिपोर्ट में वैश्विक सोने की मांग और उसकी कीमतों के बारे में आंकड़े सामने आए हैं। मई 2026 में वैश्विक बाजार में सोना 1.4 फीसदी गिरा लेकिन भारत में 4.1 फीसदी महंगा हुआ।
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भारत

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Gajanand Prajapat

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Updated: 5 Jun 2026, 9:51 AM IST

World gold council report

साल 2026 में Gold ने अब तक 17.6 % रिटर्न दिया है। (PC: Freepik)

Gold Price in India: मई 2026 में सोने की कीमतों को लेकर वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) ने एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट का नाम गोल्ड मार्केट कमेंट्री है। रिपोर्ट के मुताबिक, ग्लोबल बाजार में सोने के दाम 1.4 फीसदी घटे हैं, वहीं भारत में सोने की कीमतों में 4.1 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक स्तर पर मई के अंत में सोने की कीमत 4,546 डॉलर प्रति औंस रही। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि दुनिया में जहां सोना सस्ता हो रहा है, भारत में महंगा क्यों हो रहा है?

इंपोर्ट ड्यूटी में बढ़ोतरी का असर

भारत और तुर्की में पॉलिसी बदलाव और लोकल करेंसी में गिरावट के चलते सोना महंगा हुआ है। भारत में सोने की कीमतों में तेजी की बड़ी वजह आयात शुल्क में भारी बढ़ोतरी भी है। सरकार ने मई में सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी को दोगुना बढ़ा दिया। इसे 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया गया। यह नई ड्यूटी 13 मई 2026 से प्रभावी है। ड्यूटी बढ़ने से आयातित सोना ज्वैलर्स को महंगा पड़ने लगा, जिससे देश में सोने के दाम बढ़ गए।

रुपये में कमजोरी का असर

भारत में सोने की कीमतों में बढ़ोतरी की दूसरी अहम वजह रुपये की कमजोरी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत डॉलर में तय होती है। जब रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होता है, तो आयातित सोना भारतीय खरीदारों के लिए महंगा पड़ता है। भले ही वैश्विक कीमतों में गिरावट आ जाए, लेकिन रेट ऑफ एक्सचेंज का असर घरेलू कीमतों को ऊपर ले जा सकता है।

मिडिल ईस्ट संकट

इन सब के बीच सोने में तेजी की एक वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ा भू-राजनीतिक तनाव भी है। मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की तलाश कर रहे हैं। इस कारण से सोने की कीमत को सपोर्ट मिला है। भारत दुनिया में सोने के बड़े उपभोक्ताओं में से एक है।

सोने ने कितना रिटर्न दिया?

WGC की रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में अब तक भारत में सोने ने करीब 17.6 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। यही कारण है कि कई निवेशक अभी भी इसे सुरक्षित निवेश मान रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत, चीन और विभिन्न देशों के केंद्रीय बैंकों की खरीदारी सोने को लंबे समय तक सपोर्ट दे सकती है। लेकिन यदि एनर्जी मार्केट में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी होती है, तो डॉलर मजबूत हो सकता है, जिससे सोने के दामों पर दबाव पड़ेगा।

PM मोदी की अपील से मांग में नरमी

इस पूरे घटनाक्रम के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से अपील की थी कि वे एक साल तक सोने की खरीद टाल दें। उन्होंने कहा था कि भारत की विदेशी मुद्रा का एक बड़ा हिस्सा सोने के आयात पर खर्च होता है। इस अपील का असर भी भारतीय बाजार में दिखा। रिपोर्ट के अनुसार भारत में सोने की फिजिकल मांग में नरमी आई और बाजार में डिस्काउंट पर बिक्री के संकेत भी देखे गए।