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MahaShivratri 2026: भक्ति के साथ फिटनेस का भी रखें ध्यान, जानें व्रत के सही नियम और सेहत से जुड़ी जरूरी बातें

MahaShivratri 2026: महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर उपवास का खास महत्व है। लेकिन उपवास के दौरान शरीर में क्या बदलाव होते हैं? किन लोगों को उपवास नहीं रखना चाहिए? पढ़िए यह खास ताकि आपकी सेहत अफेक्ट ना हो।

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Feb 10, 2026
maha shivratri 2026 (source: gemini)

MahaShivratri 2026: महाशिवरात्रि का व्रत केवल व्रत नहीं है, बल्कि यह बॉडी को डिटॉक्स करने का एक बहुत ही अच्छा उपाय है। लेकिन याद रखें, हर किसी का शरीर अलग होता है। इस बार 2026 की शिवरात्रि पर अपनी बॉडी टाइप को समझें और उसी के अनुसार व्रत का संकल्प लें, ताकि आप पूरे दिन स्वस्थ रहकर भगवान शिव की आराधना कर सकें।

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व्रत का शरीर पर क्या असर पड़ता है


महाशिवरात्रि के व्रत के दौरान शरीर में कई तरह के शारीरिक बदलाव होते हैं। पहले शरीर ग्लाइकोजन का उपयोग करता है और फिर धीरे-धीरे फेट को बर्न करने लगती है। इस कारण कुछ घंटें थकान महसूस हो सकती है।
लंबे समय तक भोजन और पानी से दूर रहना, खासकर निर्जला व्रत, खतरा पैदा कर सकता है। जैसे डिहाइड्रेशन, लो ब्लड शुगर और शरीर में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन। इसके लक्षण चक्कर आना, कमजोरी, सिरदर्द या भ्रम की स्थिति हो सकते हैं।

व्रत करते समय किन बातों का ध्यान रखें

पोषक तत्वों से भरपूर भोजन अपनाएं
व्रत के दौरान ऐसे भोजन को शामिल करे जो शरीर को जरूरी पोषण दें और हाइड्रेटेड बनाए रखे। ताजे फल, मेवे, बीज और दही जैसे उत्पाद विटामिन, मिनरल और प्रोटीन देते हैं। ऐसा भोजन शरीर को कमजोर होने से बचाते हैं और पूरे दिन फुर्तीला बनाए रखते हैं।

हाइड्रेशन का खास ध्यान रखें
व्रत के दौरान शरीर में पानी की कमी न हो, यह बेहद जरूरी है। पानी, नारियल पानी और हर्बल चाय शरीर में तरल संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं। कैफीन जैसे पदार्थों से बचे, क्योंकि ये शरीर को डिहाइड्रेट कर सकते हैं। प्राकृतिक पेय व्रत के दौरान बेहतर विकल्प माने जाते हैं।

कार्बोहाइड्रेट से भरपूर अनाज
राजगिरा, कुट्टू और सिंघाड़े का आटा जैसे साबुत अनाज कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होते हैं। इनसे व्रत के दौरान कमजोरी और थकान महसूस नहीं होती।

ताजे फलों की चाट बेहतर
बीच-बीच में लगने वाली भूख के लिए भुना हुआ मखाना या ताजे फलों की चाट बेहतर विकल्प हैं। ये हल्के, पौष्टिक और आसानी से पचने वाले होते हैं।

दूध से बने व्यंजन करें शामिल
दूध और पनीर जैसे दुग्ध उत्पाद प्रोटीन का अच्छा स्रोत हैं। व्रत के दौरान इन्हें भोजन में शामिल करना मांसपेशियों की मजबूती और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए जरूरी माना जाता है।

किन लोगों को व्रत नहीं रखना चाहिए

  • डायबिटीज के मरीज
  • गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं
  • बुजुर्ग और बच्चे
  • किडनी, दिल या अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोग

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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