
Pet Safety Tips: दिवाली के पास आते ही चारों तरफ रोशनी और आतिशबाजी का माहौल दिखाई देने लगता है। लोग इस त्योहार का आनंद उठाते हैं, लेकिन कुत्तों, बिल्लियों और दूसरे जानवरों के लिए पटाखों की तेज आवाज, अचानक होने वाली रोशनी और धुएं के कारण यह समय मुश्किल हो सकता है। ऐसे में रोशनी का त्योहार दिवाली मनाते समय बेजुबान जानवरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखना जरूरी है। आइए जानते हैं कि घर में डॉग, कैट या किसी दूसरे पालतू जानवर के साथ ही आसपास के जानवरों को पटाखों के शोर से होने वाली परेशानी से बचाने के लिए क्या करना चाहिए और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
दिवाली पर पटाखों की तेज आवाज इंसानों के मुकाबले पालतू जानवरों को ज्यादा परेशान कर सकती है। इसकी एक बड़ी वजह उनकी सुनने की क्षमता है। ऐसे में अचानक पटाखे फूटने की तेज आवाज से वे घबरा सकते हैं। इसके अलावा पटाखों की चमक, धुआं और बार-बार होने वाले धमाकों से भी पेट्स डर सकते हैं।
रॉयल सोसाइटी फॉर द प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स (RSPCA) के अनुसार, अगर आपका पालतू जानवर पटाखों की आवाज से डर रहा है, तो उसके व्यवहार में कुछ बदलाव दिखाई दे सकते हैं। जैसे बार-बार इधर-उधर घूमना, तेज सांस लेना, कांपना, खाना न खाना, छिपना या लगातार आवाज करना। कुछ पेट्स डर के कारण घर में पेशाब भी कर सकते हैं।
पटाखों के शोर से पेट्स को बचाने के लिए घर में ऐसे कमरे का चुनाव करें, जहां बाहर से पटाखों की आवाज कम आती हो। कमरे की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें। पर्दे भी लगा दें, ताकि बाहर पटाखों की चमक सीधे कमरे में न आए। इससे पेट्स को कुछ हद तक आराम मिल सकता है।
पटाखों की आवाज से ध्यान हटाने के लिए कमरे में टीवी या हल्का म्यूजिक चला सकते हैं। इससे बाहर होने वाले धमाकों की आवाज कुछ हद तक दब सकती है।
दिवाली के आसपास अपने पेट्स को घर में अकेला न छोड़ें, खासकर शाम के समय। उनके आसपास रहें और खुद भी सामान्य व्यवहार करें। लेकिन अगर वे अकेले किसी कोने में रहना चाहते हैं, तो उन्हें वहां आराम करने दें।
दिवाली पर पटाखों की आवाज सुनकर कई बार पेट्स बिस्तर के नीचे, टेबल के पीछे या किसी कोने में छिप जाते हैं। ऐसे में उन्हें बाहर निकालने की कोशिश न करें। उन्हें अपनी पसंद की सुरक्षित जगह पर आराम करने दें।
पटाखों के शोर से अपने पेट का ध्यान हटाने के लिए उसके पसंदीदा खिलौने पास रख सकते हैं। इसके अलावा, अगर वह खाना चाहता है, तो उसे उसकी पसंद की पेट ट्रीट भी दे सकते हैं।
कुछ पेट्स पटाखों की आवाज से इतने डर जाते हैं कि उन्हें संभालना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में खुद से कोई नींद की दवा या शांत करने वाली दवा न दें। पहले पशु डॉक्टर से बात करें।
दिवाली पर मिलने वाली जलेबी, लड्डू, गुलाब जामुन और दूसरी मिठाइयों में काफी चीनी और घी होता है। इन्हें पेट्स को खिलाने से बचें।
चॉकलेट, अंगूर, किशमिश, प्याज, लहसुन, ज्यादा नमक वाली चीजें और शुगर फ्री मिठाई या कैंडी भी पेट्स की सेहत को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए ऐसी चीजें उनकी पहुंच से दूर रखें। पटाखों के अलावा दीये, मोमबत्तियां, अगरबत्ती और पूजा में इस्तेमाल होने वाली चीजें भी पेट्स की पहुंच से दूर रखें। कई बार जानवर उत्सुकता में इन्हें सूंघने या मुंह में लेने की कोशिश कर सकते हैं। इसलिए इन चीजों को ऐसी जगह रखें, जहां वे आसानी से न पहुंच सकें।
दिवाली के दिन भी अपने पालतू जानवरों को उनका रोजाना वाला खाना ही दें। अगर उन्हें कुछ अलग खिलाना चाहते हैं, तो उनकी उम्र और सेहत के हिसाब से पशु डॉक्टर की सलाह लेकर सही पेट ट्रीट दे सकते हैं। इसके अलावा, उनके पास साफ पानी जरूर रखें। घर आए मेहमानों को भी बता दें कि वे अपनी मर्जी से पेट्स को मिठाई या कोई दूसरी चीज न खिलाएं।
अगर आप अपने पेट को रोजाना सैर पर ले जाते हैं, तो दिवाली के दिनों में उसके समय में थोड़ा बदलाव करना बेहतर रहेगा। इसके लिए अपने डॉग को सुबह या दिन में ही सैर पर ले जाएं। ऐसा करने से पटाखों के शोर और भीड़भाड़ से बचने में मदद मिलेगी।
खुली जगहों पर भी लोग पटाखे जलाते हैं। ऐसे में अपने पेट्स को उन जगहों पर टहलाने न ले जाएं, जहां लोग पटाखे जला रहे हों। पटाखों की तेज आवाज और धुएं के साथ ही जले हुए पटाखों के टुकड़े भी उनके लिए नुकसानदायक हो सकते हैं।
अगर किसी वजह से दिवाली की शाम को पेट्स को बाहर ले जाना जरूरी हो, तो उनके गले में कॉलर और पट्टा जरूर लगाएं। कोशिश करें कि उन्हें अकेले बाहर न छोड़ें। अचानक पटाखा फूटने पर वे डरकर भाग सकते हैं। इसलिए सैर के दौरान उन्हें अपने पास रखें।