Food For Thyroid: क्या आपका वजन भी अचानक बढ़ रहा है या हर वक्त थकान रहती है? तो इसका कारण आपका थायरॉइड हो सकता है। जानिए ये 5 सुपरफूड्स के बारे में जो आपके थायरॉइड को नेचुरल तरीके से कंट्रोल कर सकते हैं।
Food For Thyroid: आजकल की बदलती लाइफस्टाइल में 'थायरॉइड' एक ऐसी बीमारी बन गई है जो हर दूसरे घर में लोगों को हो रही है। इसमें कभी अचानक वजन बढ़ने लगता है, तो कभी बॉडी में इतनी कमजोरी फील होती है कि बिस्तर से उठना भी भारी लगने लगता है। क्योंकि, हमारी गर्दन में तितली के आकार की एक छोटी सी ग्रंथि(Gland) होती है, जो हमारे शरीर के मेटाबॉलिज्म और एनर्जी को कंट्रोल करती है। जब यह ग्रंथि सुस्त हो जाती है, तो बॉडी का पूरा सिस्टम बिगड़ जाता है। तो आइए जानते हैं, ऐसे 5 सुपरफूड्स के बारे में जो आपक
थायरॉइड ग्रंथि को काम करने के लिए आयोडीन की जरूरत होती है। दही न केवल आयोडीन का अच्छा सोर्स है, बल्कि यह पेट के लिए भी बेस्ट है। इसमें मौजूद प्रोबायोटिक्स शरीर की सूजन को कम कर सकते हैं। रोजाना एक कटोरी सादा दही खाने से बॉडी को जरूरी पोषण मिलता है।
ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी या रास्पबेरी जैसे फ्रूट्स में भरपूर एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। ये थायरॉइड ग्रंथि को 'ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस' यानी बाहरी नुकसान से बचा सकते हैं। अगर आप रोज नाश्ते में थोड़ी सी बेरीज खाते हैं, तो इससे आपका मेटाबॉलिज्म तेज होता है और थकान भी कम हो सकती है।
पालक और केल जैसी सब्जियों में विटामिन-A और मैग्नीशियम भारी मात्रा में पाया जाता है। विटामिन-A थायरॉइड हार्मोन बनाने में हेल्प करता है। इन सब्जियों को अपनी डाइट में शामिल करने से बॉडी को ताकत मिलती है और हार्मोनल बैलेंस बना रह सकता है।
कद्दू के बीज, बादाम और अखरोट जिंक और सेलेनियम के बेस्ट सोर्स हो सकते हैं। थायरॉइड हार्मोन के लिए ये दोनों मिनरल्स बहुत जरूरी है। रोज सुबह सूखे मेवे खाने से शरीर का एनर्जी लेवल हाई रहता है।
आंवला विटामिन-C और एंटीऑक्सीडेंट्स का पावरहाउस है। यह न सिर्फ आपकी इम्यूनिटी बढ़ा सकता है, बल्कि थायरॉइड से होने वाली बालों और स्किन की प्रॉब्लम को भी दूर कर सकता है। आप इसे जूस या चूर्ण के रूप में भी ले सकते हैं।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।