Green Chili Benefits: हरी मिर्च न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाती है बल्कि सेहत का खजाना भी है। इसमें विटामिन C, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और मिनरल्स मौजूद होते हैं जो पाचन सुधारते हैं, आंखों की रोशनी बढ़ाते हैं और शरीर को बीमारियों से बचाते हैं।
Green Chili Benefits: भारतीय खाने का मज़ा बिना हरी मिर्च के अधूरा लगता है। थोड़ी-सी हरी मिर्च डाल दो तो खाने का स्वाद दुगुना हो जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह सिर्फ स्वाद ही नहीं बढ़ाती बल्कि सेहत के लिए भी खजाना है। हरी मिर्च में मौजूद कैप्सेसिन इसे तीखा बनाता है। यह शरीर में फील-गुड हार्मोन एंडोर्फिन बढ़ाता है, जिससे दर्द कम होता है और मूड अच्छा रहता है। साथ ही यह मोटापा और कोलेस्ट्रॉल कम करने में भी मदद करता है।
हरी मिर्च में विटामिन C संतरे से भी ज्यादा पाया जाता है। यह त्वचा को चमकदार और हड्डियों को मजबूत बनाता है। ध्यान रखें, मिर्च काटकर देर तक रखने से इसका विटामिन C खत्म हो जाता है।
हरी मिर्च में मौजूद विटामिन K खून जमाने और हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी है। इसकी कमी से नाक से खून आना या घाव से खून रुकने में देर होना जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
हरी मिर्च में हल्का-सा फाइबर होता है जो पाचन तंत्र को ठीक रखता है और कब्ज से बचाता है। नियमित सेवन से बड़ी आंत के कैंसर का खतरा भी कम होता है। हरी मिर्च में मौजूद बीटा कैरोटीन और ल्यूटिन आंखों की रोशनी और रेटिना की रक्षा करते हैं। यही तत्व इसे हरा रंग भी देते हैं।
हरी मिर्च में पोटैशियम, आयरन और कॉपर जैसे खनिज पाए जाते हैं। ये खून की कमी दूर करने, ऊर्जा बनाने और तनाव कम करने में मदद करते हैं।
हरी मिर्च खाने के कई तरीके हैं। इनमें दाल-रोटी के साथ कच्ची मिर्च, धनिया-लहसुन वाली चटनी, सरसों के तेल का अचार, सलाद में नींबू-प्याज के साथ खा सकते हैं। ज्यादा हरी मिर्च खाने से जलन और एसिडिटी हो सकती है। अल्सर या गैस के मरीज इसे सीमित मात्रा में खाएं। बच्चों और बुजुर्गों को हल्की तीखी मिर्च देना ही सही है।