Heart Attack Alarm: फिल्म ओम शांति ओम और टीवी सीरियल अनुपमा के अलावा कई सीरियल्स व फिल्मों में अपनी भूमिका के लिए जाने जाने वाले अभिनेता नितेश पांडे का बुधवार को नासिक में निधन हो गया। वे 50 साल के थे। रिपोर्ट्स के अनुसार 50 वर्षीय नितेश पांडे की देहांत दिल का दौरा पड़ने से हुई। पिछले कुछ सालों में कई पॉपुलर और टैलेंटेड सेलेब्रिटीज, एक्टर्स, सिंगर, कॉमेडियन का देहांत हार्ट अटैक से हुआ है। इसी साल के शुरुआत में पॉपुलर एक्टर और डायरेक्टर सतीश कौशिक का देहांत बुधवार मार्च 8 को राजधानी दिल्ली में हुआ था। वे 66 साल के थे। कौशिक दिल्ली में कार यात्रा कर रहे थे जब उन्हें दिल का दौरा पड़ा।
Devastating Wake-up Call on Heart Health: नितेश पांडेय के अलावा पिछले कुछ सालों में कई पॉपुलर और टैलेंटेड सेलेब्रिटीज जैसे सतीश कौशिक ,केके, सिद्धार्थ शुक्ल और अन्य कई एक्टर्स, सिंगर, कॉमेडियन का देहांत हार्ट अटैक से हुआ है। इनमें कई एक्टर्स 40 साल और उसके ऊपर उम्र के हैं। कहीं किसी को जिम में अटैक आया तो कभी कोई स्टेज पर परफॉर्म करते हुए हार्ट अटैक का शिकार हुआ। इसी साल 17 फरवरी को बॉलीवुड फिल्मों और वेब सीरीज 'मिर्जापुर' के एक्टर शाहनवाज प्रधान ने भी 56 साल की उम्र में हार्ट अटैक से अपनी जान गवाई। कुछ समय पहले सबके चहेते टेलेविज़न/फिल्म एक्टर और बिग बॉस शो विन्नेर सिद्धार्थ शुक्ल की डेथ ने सभी को हिला कर रख दिया था। वे सिर्फ 40 साल के थे। इसी तरह 46 साल के टी वी एक्टर सिद्धांत वीर सूर्यवंशी को जिम में कसरत करते समय हार्ट अटैक होने से उनकी मृत्यु हो गयी।
इधर कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव भी 58 साल की उम्र में हार्ट अटैक का शिकार हुए और दिल्ली के एम्स अस्पताल में उनका देहांत हुआ। इसके अलावा फेमस सिंगर केके (KK) को भी एक शो के दौरान हार्ट अटैक हुआ और वे चल बसे। मशहूर एक्ट्रेस रीमा लागू को कुछ साल पहले सीने में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया। वहीं कार्डियक अरेस्ट से उनका निधन हो गया।
एक्टर नितेश पांडे, सतीश कौशिक और दूसरे सेलिब्रिटीज की अचानक हुई डेथ हमें सोचने पर मजबूर करती है की क्या हार्ट अटैक के केसेस बढ़ रहे हैं ? अगर हाँ तो क्यों ? हालांकि हार्ट अटैक के कई कारण हों सकते हैं जिसमें स्ट्रेस भी एक मुख कारण है।
अमेरिकन कॉलेज ऑफ़ कार्डियोलॉजी (American College of Cardiology) के अनुसार नेगेटिव साइकोलॉजिकल हेल्थ या मेन्टल हेल्थ, हार्ट डिजीज की रिस्क को बढ़ा सकता है। वहीं पॉजिटिव साइकोलॉजिकल हेल्थ से हार्ट डिजीज और डेथ का रिस्क कम हो सकता है।। इसलिए यह जरूरी है की हम स्ट्रेस मैनेजमेंट टेक्निक्स (Stress management techniques ) अपनाएं और अपनी लाइफस्टाइल में पॉजिटिव चेंजेज लाएं जिससे हमे हार्ट अटैक (Heart Attack) का खतरा ना हो।
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