Hungry and Angry Connection: क्या आपको भी भूख लगते ही गुस्सा आने लगता है? साइंस की भाषा में इसे 'हैंग्री' (Hangry) कहते हैं। जानिए आखिर क्यों कुछ लोग भूख लगने पर दूसरों से ज्यादा चिड़चिड़े हो जाते हैं और इससे बचने का सही तरीका क्या है।
Hungry and Angry Connection: अक्सर आपने देखा होगा कि ऑफिस में काम के दौरान या घर पर अचानक किसी बात पर आपको तेज गुस्सा आ जाता है। आप सोचते हैं कि शायद काम का स्ट्रेस है, लेकिन असल वजह आपके पेट में छिपी हो सकती है। लेकिन इसका असली कारण हैंग्री है, जिसका सीधा मतलब है भूख की वजह से आने वाला गुस्सा। लेकिन सवाल यह है कि भूख लगने पर हर किसी को गुस्सा क्यों नहीं आता? कुछ लोग शांत रहते हैं और कुछ लोग ज्वालामुखी की तरह फट जाते हैं।
आमतौर पर माना जाता है कि जब शरीर में ब्लड शुगर का लेवल कम होता है, तो दिमाग को एनर्जी नहीं मिलती और चिड़चिड़ापन होने लगता है। लेकिन सिर्फ शुगर लेवल कम होना गुस्से की वजह नहीं है, बल्कि महसूस करना ज्यादा मायने रखता है। जिन लोगों को यह एहसास जल्दी हो जाता है कि उन्हें भूख लगी है, उनका मूड उन लोगों की तुलना में ज्यादा खराब होता है जो अपनी भूख को नजरअंदाज कर देते हैं।
हमारे दिमाग में हाइपोथैलेमस भूख का सिग्नल देता है, लेकिन इस सिग्नल को समझने का काम इंसुला नाम का हिस्सा करता है। इंसुला ही हमारी भावनाओं (Emotions) को कंट्रोल करता है। इसे इंटरोसेप्शन (Interoception) कहते हैं। यह बॉडी के अंदर के सिग्नल्स को समझने की पावर है। जिन लोगों की यह पावर कमजोर होती है, वे समझ ही नहीं पाते कि उनकी परेशानी की वजह भूख है और फिर वो लोग गुस्सा करने लगते हैं।
आपने देखा होगा कि छोटे बच्चे खेलते-खेलते अचानक रोने लगते हैं। असल में वे अपनी बॉडी के सिग्नल्स को समझ नहीं पाते हैं। ठीक यही स्थिति आजकल के युवाओं और बड़ों की है। मोबाइल और काम के प्रेशर में हम भूख के शुरुआती सिग्नल्स को नजरअंदाज कर देते हैं। जब भूख बर्दाश्त से बाहर हो जाती है, तो दिमाग फाइट और फ्लाइट मोड में चला जाता है, जिससे हम छोटी-छोटी बातों पर चिढ़ने लगते हैं।