Mukul Choudhary Father struggle story : लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के बल्लेबाज मुकुल चौधरी की धमाकेदार बल्लेबाजी ने क्रिकेट की दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। पर, इनको स्टार बनाने के लिए मुकुल के पिता पागल तक कहलाए। आइए, मुकुल चौधरी के पिता की संघर्ष की अनकही कहानी (Mukul Choudhary Father Untold Struggle Story) को पढ़ते हैं।
Mukul Choudhary Father struggle story : मुकुल चौधरी की धमाकेदार बल्लेबाजी ने क्रिकेट की दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के बल्लेबाज मुकल ने 27 गेंदों पर 54 रनों की ब्लास्टिंग बल्लेबाजी की। पर, दुनिया जहां इन्हें पहचान रही है, मिसालें दे रही है… वहां तक पहुंचने के लिए मुकुल के पिता ने बहुत कुछ त्याग किया है। आइए, मुकुल चौधरी के पिता की संघर्ष की अनकही कहानी (Mukul Choudhary Father Untold Struggle Story) को पढ़ते हैं।
"मिला नहीं कुछ पल भर में
एक दौर इसी में बीता है
बादल बहुत समेटे हैं
तब दरिया बनना सीखा है।"
किताब 'रोने से कुछ होता है क्या' से लेकर मुकुल के पिता दलीप चौधरी ने अपने वॉट्सएप पर शेयर किया। दरअसल, जब हजार मुसीबतों को हराने के बाद कामयाबी मिलती है तो ऐसी शायरी को जुबां पर आने से रोक नहीं सकता।
TOI की रिपोर्ट में लिखा है कि उनके पिता ने बेटे के सपने को पूरा करने के लिए क्या कुछ नहीं किया। बेटे का सपना पूरा हो सके इसलिए वो घर तक बेच डाले, लोन लिया लेकिन, समय पर नहीं भरने के कारण जेल तक गए। यहां तक कि लोगों ने मुकुल के पिता को पागल करार दे दिया। फिर भी वो मुकुल को उसकी मंजिल तक पहुंचाने के लिए हर संभव कोशिश किए।
"जेल जाने को लेकर वो कहते हैं कि मुझे फ्रॉड नहीं कहलाना था। इसलिए, कभी कर्ज नहीं भरने पर भागा नहीं बल्कि जेल जाना सही समझा।"
मुकुल चौधरी राजस्थान के एक छोटे से गांव से निकलकर आईपीएल तक पहुंचे हैं। झुंझुनूं जिला के खेदड़ो की ढाणी नामक गांव से हैं। मुकुल से पहले शायद ही कोई हो जो इस गांव को फेमस किया हो।
बताया जाता है कि मुकुल चौधरी के पिता एसडीएम (SDM) या राजस्थान सरकार के बड़े अधिकारी बनना चाहते थे। इसके लिए वो करीब 5 साल तक आरएएस परक्षी की तैयारी किए। हालांकि, वो वहां पर सफल नहीं हो पाए।
उन्होंने मीडिया को बताया कि जिस साल उन्होंने ग्रेजुएशन पूरा किया उसी साल 2003 में उनकी शादी हो गई। सोचा था कि अगर बेटा हुआ तो क्रिकेटर बनाऊंगा और फिर शादी के अगले साल बेटा हुआ और फिर उसको क्रिकेटर बनाने के लिए लग गया। आज देखिए मुकुल दुनिया भर में छा गया है।
सिग्मंड फ्रायड की ये पंक्तियां- "एक दिन वर्षों का संघर्ष, बहुत खूबसूरत तरीके से तुमसे टकरायेगा।"
मुकुल के पिता के संघर्ष और मुकुल की लगन को देखकर ये लाइनें वाकई सटीक बैठती हैं।
लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) को मुकुल चौधरी के अंदर की चमक दिखी। टीम ने उनको 2.26 करोड़ रुपए में शामिल किया। इस तरह से कर्ज में डूबे मुकुल का परिवार एक झटके में करोड़पति बन गया। जो लोग मुकुल के पिता को पागल कहते थे उनको आज एक "पागल पिता" का जवाब मिल गया होगा।