New Snake Calamaria garoensis : भारतीय वैज्ञानिकों ने इस रहस्यमी सांप को सालों बाद खोज निकाला है। रहस्यमयी सांप कैलामिया गारोएन्सिस गारो हिल्स, मेघालय में पाया गया है।
New Snake Calamaria garoensis : एक नया सांप मिला है। भारतीय वैज्ञानिकों ने इस रहस्यमी सांप को सालों बाद खोज निकाला है। रहस्यमयी सांप कैलामिया गारोएन्सिस गारो हिल्स, मेघालय में पाया गया है। ये देखने में चमकीला, पतला और काली धारी वाला है। इसकी पूंछ भी अन्य विषैले सांपों से अलग है। यह एक छोटा, बिल बनाकर रहने वाला 'रीड स्नेक' (Reed Snake) है।
कॉटन यूनिवर्सिटी (Cotton University), मिजोरम यूनिवर्सिटी (Mizoram University), असम डॉन बॉस्को यूनिवर्सिटी (Assam Don Bosco University) और भारतीय प्राणी सर्वेक्षण (ZSI) सहित कई संस्थानों के वैज्ञानिकों ने इसको लेकर शोध किया। उन्होंने शोध में बताया है कि गारो हिल्स जैव विविधता का खजाना है जिसे अभी पूरी तरह खोजा नहीं गया है। ये उत्तर-पूर्वी भारत के जंगलों की गहराई में अभी भी छिपे हैं जिनको बचाना जरूरी है।
कैलामिया गारोएन्सिस सांप गायब होने में माहिर है। वैज्ञानिक कहते हैं कि ये आपकी नजर के सामने ही आपको नजर आएंगे। इस कदर खुद को बदलने में माहिर होते हैं। इसके अलावा किसी बिल, पत्ते या मिट्टी के अंदर फट से दब जाते हैं। इनके रंग बदलने की कला इनको रहस्यमयी बनाती है। यह भी एक कारण है कि इनको खोजने में लंबा समय लगा।
यह सांप सामने होकर भी सालों तक अपनी पहचान छिपाने में कामयाब रहा।
अधिकतर सांपों के पूंछ नुकीले होते हैं। पर, आपको कैलामिया गारोएन्सिस की पूंछ अलग नजर आएगी। इनकी पूंछ नुकीली ना होकर, ठूठ होती है। ये बात भी अन्य सांपों से इसे अलग बनाती है। पूंछ के निचले हिस्से पर एक स्पष्ट काली पट्टी होती है।
वैज्ञानिकों ने माइटोकॉन्ड्रियल डीएनए (mitochondrial DNA) विश्लेषण और शारीरिक अध्ययन के जरिए पुष्टि की कि यह एक अलग प्रजाति है। यह प्रजाति मिजोरम में पाए जाने वाले कैलामिया मिजोरमेन्सिस से करीबी संबंध रखती है, लेकिन जेनेटिक रूप से इसमें 6.3% का अंतर पाया गया है।
कैलामिया गारोएन्सिस सांप से डरने की जरुरत नहीं है। क्योंकि, ये जहरीले नहीं होते हैं। इनमें जहर पैदा करने वाली ग्रंथियां नहीं होतीं। ये सांप इंसानों को देखते ही छिपने की कोशिश करते हैं।