Pillow For Better Sleep: कभी सोचा है कि पूरी रात बिस्तर पर पड़े रहने के बाद भी सुबह उठते ही थकान क्यों महसूस होती है? या फिर गर्दन और कंधों में हल्का-सा दर्द क्यों रहने लगता है? अक्सर हम इसका दोष गलत सोने की पोजिशन या तनाव को दे देते हैं, लेकिन कई बार असली वजह कुछ और ही होती है आपका तकिया।
Pillow For Better Sleep: रात को सोते समय अगर आप बार-बार करवट बदलते हैं, नींद बार-बार टूट जाती है या सुबह उठते ही गर्दन और कंधों में जकड़न महसूस होती है, तो इसकी वजह आपकी दिनचर्या नहीं बल्कि आपका तकिया भी हो सकता है। अक्सर लोग अच्छे गद्दे पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन तकिए को हल्के में ले लेते हैं। जबकि गलत ऊंचाई, सख्ती या शेप वाला तकिया रीढ़ की नैचुरल पोजिशन बिगाड़ देता है, जिससे नींद डिस्टर्ब होती है और शरीर पूरी तरह रिलैक्स नहीं हो पाता। अगर आप भी पूरी रात चैन की नींद चाहते हैं, तो सबसे पहले जानना जरूरी है कि सही तकिया कैसे चुना जाए और कौन-सा तकिया आपकी सोने की पोजिशन के हिसाब से बेस्ट रहेगा।
सच यह है कि “एक तकिया सबके लिए सही” जैसी कोई चीज नहीं होती। हर व्यक्ति की बॉडी, सोने की आदत और आराम की जरूरत अलग होती है। फिर भी कुछ आसान बातें हैं, जिनसे आप समझ सकते हैं कि आपका तकिया आपके लिए सही है या नहीं।
एक अच्छा तकिया आपके सिर, गर्दन और रीढ़ को एक सीध में रखता है। अगर तकिया बहुत ज़्यादा दब जाता है या बहुत ऊँचा है, तो गर्दन पर जोर पड़ता है। सही तकिया ऐसा होना चाहिए जो आराम और सही पोस्चर के बीच पुल का काम करे।
कुछ लोगों को मुलायम, बादल जैसे तकिए पसंद आते हैं, तो कुछ को थोड़े सख्त। असली बात संतुलन की है। तकिया इतना नरम हो कि आराम दे, लेकिन इतना भी नहीं कि रात भर में चपटा हो जाए।
आजकल सीधे, फ्लैट तकियों से लेकर गर्दन को सपोर्ट देने वाले कर्व्ड तकिए मिलते हैं। अगर आपको गर्दन में अकड़न रहती है, तो कंटूर्ड (curved) तकिया आपके लिए बेहतर हो सकता है क्योंकि यह गर्दन को सही शेप में सहारा देता है।
कभी-कभी हम तकिया पलटते हैं “कूल साइड” ढूंढने के लिए जयादा यही है ब्रीदेबिलिटी। अच्छे तकिए में हवा के आने-जाने की जगह होती है, जिससे पसीना नहीं आता और नींद बार-बार नहीं टूटती।
तकिया सिर्फ सिर के लिए नहीं होता। यह कंधों और ऊपरी रीढ़ पर पड़ने वाले दबाव को भी कम करता है। सही तकिया सुबह उठते समय शरीर को ज़्यादा रिलैक्स महसूस करवाता है।
मध्यम सख्त तकिया सबसे सही रहता है, जो गर्दन के नेचुरल कर्व को सपोर्ट करे। बहुत पतला होगा तो सिर पीछे झुक जाएगा, बहुत ऊंचा होगा तो ठुड्डी आगे आ जाएगी।
ऐसा तकिया चाहिए जो सिर और कंधे के बीच की खाली जगह भर सके। इससे गर्दन पर जोर नहीं पड़ता और रीढ़ सीधी रहती है।
पतला और नरम तकिया बेहतर होता है। ज्यादा ऊंचाई गर्दन को अजीब एंगल में मोड़ देती है।
ऐसे लोगों के लिए मेमोरी फोम तकिया अच्छा ऑप्शन है, जो शरीर के हिसाब से ढल जाता है।