Who was Prateek Yadav, Prateek Yadav Lifestyle: राजनीतिक परिवार से होने के बावजूद प्रतीक यादव ने अपनी पहचान बिजनेस और बॉडी बिल्डिंग की दुनिया में बनाई थी।
Prateek Yadav Death: समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव का 38 साल की उम्र में निधन हो गया है। बुधवार सुबह तबीयत बिगड़ने पर उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद प्रतीक यादव ने हमेशा खुद को सियासत की चकाचौंध से दूर रखा और अपनी एक अलग पहचान बनाई थी।
प्रतीक का परिवार भले ही पूरी तरह राजनीतिक रहा हो, लेकिन उन्होंने अपनी दिलचस्पी दूसरी दुनिया में दिखाई। एक पेशेवर के तौर पर भी उन्होंने उसी ओर कदम बढ़ाया और एक मुकाम भी हासिल किया।
प्रतीक यादव को एक फिटनेस आइकन के रूप में देखा जाता था। उन्हें बॉडी बिल्डिंग और एक्सरसाइज का जबरदस्त जुनून था। इसी शौक को उन्होंने अपने प्रोफेशन में बदला और लखनऊ में द फिटनेस प्लैनेट नाम से एक बेहद आधुनिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर का जिम खोला।
साल 2012 में एक मशहूर मैगजीन ने उनके शानदार बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन के लिए उन्हें द इंटरनेशनल ट्रांसफॉर्मेशन ऑफ द मंथ के खिताब से भी नवाजा था।
प्रतीक यादव, मुलायम सिंह यादव और उनकी दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे। वे रिश्ते में अखिलेश यादव के छोटे भाई थे। प्रतीक की शादी 2011 में अपर्णा यादव से हुई थी। शादी खूब धूमधाम से हुई थी, लेकिन कुछ ही साल बाद दोनों के रिश्ते में खटास की खबरें भी आने लगीं। इस दंपती की दो बेटियां हैं।
प्रतीक यादव ने अपनी शुरुआती स्कूली शिक्षा लखनऊ के सीएमएस (CMS) स्कूल से पूरी की। इसके बाद वे उच्च शिक्षा के लिए विदेश चले गए और ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की। पढ़ाई पूरी कर भारत लौटने के बाद उन्होंने राजनीति के बजाय बिजनेस को अपना करियर चुना। वे लखनऊ में रियल एस्टेट के एक बड़े कारोबारी के तौर पर जाने जाते थे।
प्रतीक यादव को महंगी गाड़ियों और एडवेंचर का बहुत शौक था। वे अपनी 5 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत वाली नीले रंग की लैम्बॉर्गिनी कार के लिए अक्सर चर्चा में रहते थे। एक इंटरव्यू में उन्होंने जिक्र किया था कि जब वे लंदन में पढ़ाई कर रहे थे, तभी उन्होंने यह कार खरीदने का सपना देख लिया था। उन्हें कार रेसिंग और ड्राइविंग का भी काफी शौक था।
व्यवसाय और फिटनेस के अलावा प्रतीक जानवरों से भी लगाव रखते थे। उन्होंने जीव आश्रय नाम की एक संस्था (NGO) बनाई है, जो सड़क पर रहने वाले बीमार और घायल कुत्तों का इलाज और उनका बचाव करती है।