
Road Signs And Road Markings Meaning In Hindi: सड़क पर जाते समय कभी न कभी आपने अलग-अलग तरह की सफेद और पीली लाइनें जरूर देखी होंगी। वहीं, सड़क के किनारे लोहे के बड़े-बड़े बोर्ड के साथ ही पत्थर के रखे हुए निशान भी मिले होंगे। ऐसे में क्या आप जानते हैं कि इनका काम क्या होता है? ये सड़क पर ट्रैफिक को सही तरीके से चलाने और ड्राइविंग को ज्यादा सुरक्षित बनाने में मदद करते हैं। सड़क पर बनी हर लाइन और साइन बोर्ड ड्राइवर को कोई न कोई जरूरी संकेत देता है। आइए जानते हैं इन सभी साइन और लाइनों का क्या मतलब होता है।
सड़क पर बनी सफेद लाइनों का आम तौर पर इस्तेमाल एक ही दिशा में चलने वाली गाड़ियों की लेन को अलग दिखाने के लिए किया जाता है। इससे ड्राइवर को पता रहता है कि उसे अपनी गाड़ी किस लेन में रखनी है। वहीं, पीली लाइन का इस्तेमाल कई जगहों पर सामने से आने और दूसरी दिशा में जाने वाले ट्रैफिक को अलग करने के लिए किया जाता है। इसलिए पीली लाइन के पास गाड़ी चलाते समय ज्यादा सावधानी जरूरी होती है।
सड़क पर अगर सीधी और बिना टूटी हुई लाइन बनी है, तो इसे सॉलिड लाइन कहा जाता है। ऐसी लाइन ड्राइवर को संकेत देती है कि उस जगह लेन बदलना या दूसरी तरफ जाना ठीक नहीं है। खासकर जब यह लाइन सड़क के बीच में बनी हो, तो इसे पार करके ओवरटेक करना खतरनाक हो सकता है।
सॉलिड लाइन अक्सर उन जगहों पर देखने को मिलती है जहां आगे मोड़, चढ़ाई, कम विजिबिलिटी या दूसरी ऐसी स्थिति हो सकती है, जिसमें सामने से आने वाली गाड़ी साफ नजर नहीं आती। इसलिए ऐसी लाइन दिखने पर जल्दबाजी में ओवरटेक करने से बचना चाहिए।
सड़क पर अगर लाइन छोटे-छोटे हिस्सों में बनी हुई दिखाई दे, तो उसे डैश्ड या टूटी हुई लाइन कहा जाता है। ऐसी लाइन आम तौर पर लेन बदलने की गुंजाइश बताती है। लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि ड्राइवर बिना देखे तुरंत लेन बदल सकता है। लेन बदलने से पहले पीछे और आगे का ट्रैफिक, इंडिकेटर और दूसरी गाड़ियों की स्पीड देखना जरूरी है। अगर रास्ता साफ हो और ऐसा करना सुरक्षित हो, तभी लेन बदलनी चाहिए।
ट्रैफिक सिग्नल के पास सड़क पर एक मोटी सफेद लाइन बनी होती है, जिसे स्टॉप लाइन कहा जाता है। लाल बत्ती होने पर गाड़ी को इस लाइन के पीछे रोकना चाहिए। स्टॉप लाइन से आगे गाड़ी खड़ी करने से पैदल चलने वालों और दूसरी दिशा से आने वाले ट्रैफिक को परेशानी हो सकती है। इसी तरह सड़क पर कई जगह सफेद पट्टियों वाली क्रॉसवॉक लाइन बनी होती है। इसका इस्तेमाल पैदल लोगों के सड़क पार करने के लिए किया जाता है।
सड़क पर लाल रंग का STOP बोर्ड दिखाई दे, तो इसका मतलब है कि वाहन को वहां रुकना है। ड्राइवर को स्टॉप लाइन या निर्धारित जगह पर गाड़ी रोककर आगे की स्थिति देखकर ही आगे बढ़ना चाहिए।
सड़क पर गोल आकार के बोर्ड में कोई नंबर लिखा दिखाई दे, तो वह उस जगह की तय स्पीड लिमिट बताता है। इसका मतलब है कि ड्राइवर को अपनी गाड़ी की रफ्तार बताई गई सीमा के अंदर रखनी चाहिए।
सड़क पर पैदल लोगों के लिए बनाए गए क्रॉसिंग पॉइंट को पैदल पार पथ या जेब्रा क्रॉसिंग कहा जाता है। यहां पैदल लोग सड़क के एक तरफ से दूसरी तरफ जाते हैं। ऐसे स्थानों के पास साइन बोर्ड इसलिए लगाए जाते हैं, ताकि ड्राइवर पहले से सावधान हो जाएं।
पहाड़ी इलाकों में सड़क के किनारे अक्सर ऐसा बोर्ड दिखाई देता है, जिसमें चट्टान या पत्थर नीचे गिरते हुए दिखाए जाते हैं। यह संकेत ड्राइवर को बताता है कि आगे पहाड़ से पत्थर या मिट्टी गिरने का खतरा हो सकता है। ऐसे रास्तों पर खासकर बारिश के मौसम में ज्यादा सावधानी की जरूरत होती है।
अगर सड़क के किनारे लगे बोर्ड पर किसी व्यक्ति को काम करते हुए दिखाया गया है, तो यह संकेत देता है कि आगे सड़क पर निर्माण, मरम्मत या किसी दूसरे तरह का काम चल रहा हो सकता है।