लाइफस्टाइल

Rubina Dilaik’s Mareezon wala Diet : रुबीना खाती हैं मरीजों वाला खाना, एक्ट्रेस ने बताई इस डाइट के पीछे की वजह

Rubina Dilaik's Mareezon wala Diet: एक्ट्रेस रुबीना दिलैक लोगों के बीच अपनी फिटनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए चर्चा में बनी रहती हैं। वहीं हाल ही में अपने डेली खानपान को लेकर चर्चा में आई हैं। उन्होंने अपने इसी रोजमर्रा के खानपान को 'मरीजों वाला खाना' कहकर अपनी सिंपल डाइट की झलक दी।

2 min read
Aug 22, 2025
Rubina Dilaik's secret to staying fit फोटो सोर्स – rubinadilaik/Instagram

Rubina Dilaik's Mareezon wala Diet: जब फिटनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल की बात आती है तो अधिकतर लोग समझते हैं कि इसके लिए महंगे डाइट प्लान या विदेशी फूड को डाइट में शामिल करने की जरूरत है, लेकिन टीवी की मशहूर एक्ट्रेस रुबीना दिलैक ने इस धारणा को बदल दिया है। एक्ट्रेस लोगों के बीच अपनी फिटनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए चर्चा में बनी रहती हैं। वहीं हाल ही में अपने डेली खानपान को लेकर चर्चा में आई हैं। उन्होंने अपने इसी रोज़मर्रा के खानपान को 'मरीजों वाला खाना' कहकर अपनी सिंपल डाइट की झलक दी और इसके पीछे की सोच भी साझा की। आइए जानते हैं कि उनके खानपान को लेकर उनकी सोच क्या है।

ये भी पढ़ें

Bharti Singh ने खोला अपने बालों की खूबसूरती का राज, कभी नहीं लगाई केमिकल हेयर डाई, घर पर आजमाती हैं ये देसी नुस्खा

घर का सादा खाना ही है सबसे बड़ा कम्फर्ट

रुबीना बताती हैं कि उनके घर का खाना एकदम सीधा-सादा होता है, ना तामझाम, ना जरूरत से ज्यादा तेल-मसाले। उनके मुताबिक, "अभिनव बहुत ही नॉन-फस्सी ईटर है, उसे आप कुछ भी घर का बना देंगे तो खा लेगा। मैं भी बिल्कुल ऐसी ही हूँ, मुझे घर का साधा खाना ही अच्छा लगता है।"दोस्त जब उनके घर आते हैं तो अकसर मजाक में कहते हैं—“तुम लोग तो मरीजों वाला खाना खाते हो!” लेकिन रुबीना हंसकर यही जवाब देती हैं कि अगर साधा खाना खाने से लंबा और हेल्दी जीवन जी सकते हैं, तो यही आदत वह अपनी बेटियों को भी देना चाहेंगी।

बचपन से मिली हेल्दी ईटिंग की सीख

यह सोच अचानक नहीं बनी, बल्कि रुबीना के बचपन से जुड़ी है। उन्होंने बताया कि उनके घर में कभी सोडा, बर्गर या पैकेज्ड स्नैक्स की इजाजत नहीं थी। बाहर का खाना लगभग मना था और पॉकेट मनी भी जंक फूड पर खर्च करने की इजाज़त नहीं थी।उन्हें लगता था कि माता-पिता बहुत सख्त हैं, लेकिन अब वही नियम उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गए। यही कारण है कि आज उन्हें न चॉकलेट्स की लालसा होती है, न ही मीठे स्नैक्स की craving। वह मानती हैं कि बच्चों को जैसी आदतें दी जाती हैं, वही आगे चलकर उनकी फूड चॉइसेज को आकार देती हैं।

बच्चों के लिए साफ-सुथरी फूड है सही

रुबीना और अभिनव ने अपनी जुड़वां बेटियों की परवरिश को लेकर कुछ स्पष्ट नियम बनाए हैं, जैसे नो चॉकलेट्स, नो चिप्स, नो टॉफीज, फोन और टैबलेट से दूरी, और मीठे की आदत न डालना। उनका मानना है कि बच्चों के लिए मजबूत नींव छोटी-छोटी बातों से तैयार होती है, न कि शॉर्ट-टर्म इंडल्जेंस से। सादा खाना न सिर्फ पचने में आसान होता है, बल्कि यह शरीर को अनावश्यक क्रेविंग्स से भी बचाता है, जिससे एनर्जी लेवल स्थिर रहता है और दिनभर हल्कापन महसूस होता है।

ये भी पढ़ें

Kapil Weight Loss Diet: “कपिल शर्मा ने खूब खाई मछली”, ट्रेनर ने बताया कैसे कपिल ने घटाया इतना वजन

Also Read
View All

अगली खबर