Spring Diet Alert: मौसम बदलते ही शरीर की जरूरतें भी बदलने लगती हैं। खासकर वसंत ऋतु में अगर खानपान और दिनचर्या को नजरअंदाज किया जाए, तो सर्दी-खांसी, थकान और पाचन से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं।
Spring Diet Alert: वसंत ऋतु आते ही शरीर में कई तरह के बदलाव होने लगते हैं। इस मौसम में सही खानपान न हो तो एलर्जी, पाचन की समस्या और थकान जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं। आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ. अर्जुन राज के अनुसार, वसंत में हल्का, संतुलित और मौसम के अनुरूप भोजन करना बेहद जरूरी होता है। कुछ चीजें इस समय शरीर के लिए फायदेमंद होती हैं, जबकि कुछ आहार नुकसान भी पहुंचा सकते हैं।
वसंत ऋतु में डाइट पर ध्यान देना जरूरी है क्योंकि इस समय पाचन तंत्र सर्दियों की तुलना में अलग तरह से काम करता है। डॉ. अर्जुन राज के अनुसार, भारी, तला-भुना या ज्यादा मीठा खाना कफ बढ़ाकर सुस्ती, सर्दी-खांसी और अपच जैसी समस्याएं बढ़ा सकता है। सही डाइट अपनाने से शरीर डिटॉक्स रहता है, इम्युनिटी मजबूत होती है और आप दिनभर हल्का और एक्टिव महसूस करते हैं।
इस मौसम में पाचन शक्ति थोड़ी कमजोर हो जाती है। ऐसे में मूंग दाल, मसूर, दलिया, खिचड़ी और उबली सब्जियां शरीर के लिए सबसे बेहतर मानी जाती हैं।
पालक, मेथी, सरसों, बथुआ जैसी हरी सब्जियां शरीर से अतिरिक्त कफ निकालने में मदद करती हैं। इनमें फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर होते हैं, जो पेट और त्वचा दोनों को फायदा पहुंचाते हैं।
आयुर्वेद में वसंत ऋतु के लिए कड़वा स्वाद बेहद लाभकारी बताया गया है। करेला, नीम की कोपलें, हल्दी और मेथी दाना शरीर को अंदर से साफ करते हैं।
गुनगुने पानी में शहद मिलाकर पीना इस मौसम में बहुत फायदेमंद माना जाता है। यह जमा हुआ कफ पिघलाने में मदद करता है और वजन संतुलन में भी सहायक होता है।
अदरक, काली मिर्च, दालचीनी और हल्दी जैसे मसाले पाचन को दुरुस्त रखते हैं और सर्दी-खांसी से बचाव करते हैं।
पकौड़े, समोसे, ज्यादा तेल वाला खाना इस मौसम में कफ को बढ़ा सकता है, जिससे सुस्ती और अपच की समस्या हो सकती है।
आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक, फ्रिज का ठंडा पानी और ज्यादा दही का सेवन नुकसानदेह हो सकता है। ये चीजें सर्दी-जुकाम को बढ़ावा देती हैं।
मिठाइयां और ज्यादा शुगर वाले फूड्स कफ दोष को बढ़ाते हैं और वजन बढ़ने का कारण बन सकते हैं।
वसंत ऋतु में देर रात भोजन करने से पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे गैस और एसिडिटी की समस्या हो सकती है।