लाइफस्टाइल

Tarbuj Khane Ke Nuksan : हार्ट, किडनी, पेट के लिए तरबूज खाना सही या नहीं? आयुर्वेदिक डॉक्टर से समझिए पूरी बात

Tarbuj Khane Ke Nuksan : गर्मी के मौसम में तरबूज खाना फायदेमंद माना जाता है। पर, आयुर्वेदिक डॉ. अर्जुन राज ने बताया है कि ये बात सब पर लागू नहीं होती है। जानिए, किडनी, दिल, पेट के लिए तरबूज खाना सही है या नहीं? किन लोगों को तरबूज नहीं खाना चाहिए?

3 min read
Mar 17, 2026
तरबूज की प्रतीकात्मक तस्वीर | Photo - Gemini AI

Tarbuj Khane Ke Nuksan : गर्मी के दिनों में बाजार से लेकर घर तक तरबूज दिखते हैं। अधिकतर लोग इसे खाना पसंद भी करते हैं। फायदे के हिसाब से ये गर्मी का बेस्ट फल बताया जाता है। क्योंकि इसमें 92% पानी होता है। तपती गर्मी में सूखता गला और डिहायड्रेशन का डर… ऐसे में तरबूज एक बेहतर विकल्प है। इतने सारे फायदों के बावजूद भी कुछ विशेष स्वास्थ्य स्थितियों वाले लोगों के लिए यह नुकसानदायक हो सकता है। आइए, आयुर्वेदिक डॉक्टर अर्जुन राज से समझते हैं कि तरबूज खाना हार्ट, किडनी, पेट के लिए सही होता है या नहीं?

ये भी पढ़ें

अप्रेल चैत्र मास में मांस ही नहीं दूध भी खाना जहर समान, आयुर्वेदिक डॉ ने बताया क्या खाएं और क्या नहीं

तरबूज है पोषक तत्व से भरपूर | Tarbuj Nutrition Chart

तरबूज खाने के कई फायदे, देखिए चार्ट

Ayurvedic Doctor Explain | तरबूज खाना किनके लिए नुकसानदायक

किडनी और दिल की की बीमारी वाले लोग तरबूज खाएं या नहीं?

डॉ. राज ने बताया कि तरबूज में पोटैशियम की अच्छी मात्रा होती है। जिन लोगों की किडनी कमजोर होती है, वे शरीर से अतिरिक्त पोटैशियम को बाहर नहीं निकाल पाते। ये किडनी के लिए सही नहीं और ना ही दिल के लिए। क्योंकि, इसके सेवन से हाइपरकेलेमिया (Hyperkalemia) का खतरा है, जिससे दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है या हार्ट फेलियर का खतरा बढ़ जाता है।

मधुमेह (Diabetes) के रोगी तरबूज खाएं या नहीं?

तरबूज का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) लगभग 72 होता है, जो काफी अधिक है। हालांकि इसका ग्लाइसेमिक लोड कम है, लेकिन अधिक मात्रा में सेवन करने से ब्लड शुगर लेवल अचानक बढ़ सकता है। अगर आप टाइप 2 डायबिटीज के मरीज हैं तो तरबूज का सेवन ना करें। क्योंकि, शरीर में ग्लूकोज का स्तर तेजी से बढ़ता है, जो इंसुलिन संवेदनशीलता वाले लोगों के लिए जोखिम भरा है।

तरबूज से पाचन संबंधी समस्याएं (Digestive Issues/IBS)

तरबूज में फ्रुक्टोज और सोरबिटोल होता है, जिन्हें FODMAPs की श्रेणी में रखा जाता है। जिन लोगों को इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) है, उन्हें इसे खाने से गैस, ब्लोटिंग और दस्त की समस्या हो सकती है।

अस्थमा या एलर्जी वाले भी तरबूज ना खाएं

कुछ लोगों को तरबूज से Lipid Transfer Protein (LTP) एलर्जी होती है। इससे गले में खराश, सूजन या सांस लेने में हल्की दिक्कत हो सकती है। आयुर्वेद के अनुसार भी इसकी 'ठंडी तासीर' अस्थमा के मरीजों में कफ बढ़ा सकती है।

तरबूज को कब नहीं खाना चाहिए

जब अच्छी चीजों को भी गलत समय पर खाया जाता है तो वो फायदा की बजाय नुकसान पहुंचाने का काम करती हैं। इसलिए,10 बजे सुबह में तरबूज का सेवन करें और सूर्यास्त से पहले तक कर सकते हैं। तरबूज थोड़ा अम्लीय (Acidic) होता है और रात में इसे पचाना मुश्किल हो सकता है, जिससे नींद खराब हो सकती है। इसलिए रात में खाने से बचना चाहिए।

हेल्दी पर्सन कितना तरबूज खा सकता है?

एक आदमी कितना तरबूज खाए, देखिए चार्ट

समय के साथ-साथ तरबूज की मात्रा का भी ध्यान रखना होगा। अगर आप अधिक मात्रा में सेवन करते हैं तो इससे भी दिक्कतें हो सकती हैं। एक स्वस्थ व्यक्ति को भी एक बार में 200-300 ग्राम से ज्यादा तरबूज नहीं खाना चाहिए। बच्चों को भी कम मात्रा में खाने के लिए दें।

ये भी पढ़ें

Drink Water As Per Age: सावधान! कहीं आप भी तो नहीं पी रहे जरूरत से ज्यादा पानी? उम्र के हिसाब से नोट कर लें वॉटर चार्ट

Also Read
View All

अगली खबर