
5 Vegetable Based Indian Sweets: अगर आप भी यह सोचते हैं कि भारतीय स्वीट्स सिर्फ दूध, खोया, घी, बेसन और मैदे का इस्तेमाल करके ही बनाई जाती हैं, तो आज की यह स्टोरी आपके लिए है। हम 5 ऐसी मिठाइयों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो लहसुन, प्याज, टमाटर, मूली और परवल जैसी चीजों से बनाई जाती हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से।
लहसुन की खीर मुख्य रूप से राजस्थान और उत्तर प्रदेश के अवध क्षेत्र में शाही और पारंपरिक खानपान का हिस्सा मानी जाती है। इसे कुछ लोग "बेनामी खीर" भी कहते है। इसे बनाने के लिए लहसुन की कलियों को सिरके या फिटकरी के पानी में 3-4 बार उबाला जाता है, ताकि उनकी तीखी गंध और स्वाद निकल जाए। इसके बाद इन्हें गाढ़े दूध में चीनी, केसर और मेवों के साथ पकाकर स्वादिष्ट खीर तैयार की जाती है।
प्याज की खीर मुख्य रूप से हैदराबाद (तेलंगाना) और लखनऊ (उत्तर प्रदेश) के नवाबी खानसामों द्वारा बनाई जाने वाली एक पारंपरिक डिश है। मान्यता के अनुसार, इसे पहली बार हैदराबाद के निजाम के शाही रसोइयों द्वारा बनाया गया था। इसे तैयार करने के लिए प्याज को बहुत धीमी आंच पर तब तक पकाया जाता है, जब तक उसका सारा तीखापन खत्म न हो जाए और उसकी प्राकृतिक मिठास दूध में घुल न जाए। इसके बाद इसमें दूध, चीनी और ड्राई फ्रूट्स डालकर पकाया जाता है।
मूली का हलवा मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में बनाया जाता है। इसे बनाने के लिए कद्दूकस की हुई मूली को दूध और चीनी के साथ पकाकर तैयार किया जाता है। सर्दियों में इसे गर्मागर्म खाना काफी पसंद किया जाता है। मूली के अलावा लौकी, कद्दू, चुकंदर और शकरकंद का हलवा भी बनाया जाता है।
परवल की सब्जी के अलावा इसकी मिठाई भी बनाई जाती है, जो लगभग ज्यादातर मिठाई की दुकानों पर आसानी से मिल जाती है। इस मिठाई में परवल के अंदर मीठे खोए की स्टफिंग भरी जाती है, जिसमें पिस्ता और बादाम भी मिलाए जाते हैं। इसका टेक्सचर काफी अलग होता है, लेकिन इसके बावजूद यह मिठाई मुंह में जाते ही घुल जाती है।
टमाटर का इस्तेमाल ज्यादातर लोग चटनी, कैचप और सब्जी बनाने के लिए करते हैं, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि टमाटर की बर्फी भी बनाई जाती है। इसे पके हुए टमाटर, चीनी, खोया और घी से तैयार किया जाता है। टमाटर की हल्की खटास और खोए की मिठास के चलते इस मिठाई का स्वाद बेहद खास लगता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख इंटरनेट पर उपलब्ध सामान्य जानकारी के आधार पर लिखा गया है। इन मिठाइयों को बनाने का तरीका और नाम अलग-अलग क्षेत्रों के अनुसार अलग भी हो सकता है।