लाइफस्टाइल

Valley of Flowers : रास्ता भटके पर्वतारोही ने खोजा था ‘वैली ऑफ फ्लावर्स’, जून में जा रहे हैं तो रूट और गाइडलाइंस जानिए

Valley of Flowers National Park 2026: अगर आप इस साल गर्मियों की छुट्टियों में किसी सुकून भरी जगह पर घूमने जाना चाहते हैं, तो वैली ऑफ फ्लावर्स का ट्रिप प्लान कर सकते हैं।

2 min read
वैली ऑफ फ्लावर्स उत्तराखंड 2026| image credit gemini and uttarakhandtourism

Valley of flowers Date 2026 Uttarakhand : उत्तराखंड के चमोली जिले में 87 वर्ग किलोमीटर में फैला 'वैली ऑफ फ्लावर्स नेशनल पार्क' एक ऐसी जगह है, जो पर्यटकों को कभी न भूलने वाला अनुभव देती है। यह घाटी इतनी खूबसूरत है कि इसे यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर स्थल (वर्ल्ड हेरिटेज साइट) में शामिल किया गया है। ऐसे में अगर आप इस साल गर्मी की छुट्टियों में कहीं घूमने जाने का सोच रहे हैं, तो आप यहां जा सकते हैं। आइए जानते हैं कि यहां कैसे पहुंचा जा सकता है।

ये भी पढ़ें

तेजाब के झरने, ज्वालामुखी, जहरीली गैसें और सांपों का बसेरा! ये हैं दुनिया के 5 सबसे खतरनाक टूरिस्ट स्पॉट्स

ऐसे हुई थी वैली ऑफ फ्लावर्स की खोज (History of Valley of Flowers)

इस जगह को साल 1931 में फ्रैंक एस स्मिथ नाम के एक ब्रिटिश पर्वतारोही और उनके दो साथियों ने इस घाटी को खोजा था, जब वे अपना रास्ता भटक कर अचानक इस घाटी में पहुंच गए थे। इसकी बेमिसाल खूबसूरती को देखकर उन्होंने ही इसका नाम "वैली ऑफ फ्लावर्स" रख दिया था।

वैली ऑफ फ्लावर्स की खूबसूरती (Beauty of Valley of Flowers)

यह घाटी समुद्र तल से लगभग 3,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहां ऑर्किड, खसखस, गेंदा, डेजी और एनीमोन जैसी 600 से ज्यादा प्रजातियों के अनोखे और विदेशी फूल खिलते हैं, जो देखने में बेहद खूबसूरत लगते हैं। पार्क के कुछ हिस्सों में भोजपत्र और रोडोडेंड्रोन के सब-अल्पाइन जंगल भी फैले हुए हैं। इस घाटी के रास्ते में आपको खूबसूरत झरने और नदियां देखने को मिलेंगी।

वैली ऑफ फ्लावर्स कैसे पहुंचें (How to Reach Valley of Flowers)

अगर आप वैली ऑफ फ्लावर्स फ्लाइट से जाने का प्लान बना रहे हैं, तो यहां के लिए सबसे पास का एयरपोर्ट देहरादून का जॉली ग्रांट एयरपोर्ट है। लेकिन वहां से सड़कें सिर्फ गोविंदघाट तक ही जुड़ी हुई हैं, जहां से आपको वैली ऑफ फ्लावर्स पहुंचने के लिए 16 किलोमीटर का पैदल ट्रैक करना पड़ता है।

वहीं, ट्रेन से आने वाले यात्रियों के लिए सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन ऋषिकेश है। ऋषिकेश रेलवे स्टेशन एनएच 58 (NH58) पर गोविंदघाट से करीब 273 किलोमीटर पहले स्थित है, जहां से गोविंदघाट पहुंचने के लिए आपको बस या टैक्सी लेनी होगी। अगर आप सड़क मार्ग से आना चाहते हैं, तो वैली ऑफ फ्लावर्स तक जाने के लिए गाड़ियां सिर्फ गोविंदघाट तक ही जा सकती हैं, क्योंकि वहां तक ही मोटरेबल सड़कें बनी हुई हैं।

टाइमिंग और जरूरी बातें (valley of flowers Date 2026)

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 में यह वैली ऑफ फ्लावर्स नेशनल पार्क टूरिस्ट्स के लिए 1 जून 2026 को खुलने वाला है और यह 4 अक्टूबर 2026 के आस-पास तक खुला रहेगा। यहां घूमने के लिए पार्क की टाइमिंग सुबह 7:00 बजे से शुरू होती है और शाम को 5:00 बजे पार्क बंद हो जाता है।

वैली ऑफ फ्लावर्स नियम (Rules in Valley of Flowers)

uttarakhandtourism पर मौजूद जानकारी के अनुसार, वैली ऑफ फ्लावर्स का रूट भारत के सबसे पॉपुलर हिमालयन ट्रेक्स में से एक है। वैली ऑफ फ्लावर्स के अंदर रात में रुकने या कैंपिंग करने की इजाजत नहीं है, इसलिए हर हाल में शाम 5:00 बजे तक वापस लौटना होता है।

Published on:
19 May 2026 11:39 am
Also Read
View All