Oil Bathing Benefits: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम आधुनिक आदतों को तो अपना लेते हैं, लेकिन अपनी परंपराओं की ताकत भूलते जा रहे हैं। दक्षिण भारत में सदियों से चली आ रही तेल स्नान (Oil Bathing) की परंपरा ऐसी ही एक प्राचीन पद्धति है, जिसे आज भी स्वास्थ्य का मजबूत आधार माना जाता है।
Oil Bathing Benefits: आज के समय में जहां रोजाना पानी से स्नान करना आम बात हो गई है, वहीं प्राचीन भारतीय परंपराओं में तेल से स्नान को सेहत का अहम हिस्सा माना जाता था। आयुर्वेद में इसे सिर्फ स्वच्छता नहीं, बल्कि शरीर को संतुलित रखने वाली एक प्रभावी निवारक विधि बताया गया है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, तय अंतराल पर ऑयल बाथिंग अपनाने से नसों को मजबूती मिलती है, त्वचा और जोड़ों को पोषण मिलता है और कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव में मदद मिलती है। यही वजह है कि यह प्राचीन स्नान पद्धति आज भी स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी मानी जाती है।
सिद्ध चिकित्सा दक्षिण भारत की एक प्राचीन पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली है, जिसकी जड़ें आयुर्वेद से जुड़ी मानी जाती हैं। इस चिकित्सा पद्धति में तेल स्नान को 11 प्रमुख उपचारों में शामिल किया गया है। माना जाता है कि नियमित तेल स्नान से शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है और कई छोटी-बड़ी समस्याओं को नियंत्रित किया जा सकता है।सबसे खास बात यह है कि यह एक आसान घरेलू उपाय है, जिसे रोजमर्रा की दिनचर्या में बिना किसी परेशानी के अपनाया जा सकता है।
घर पर ऑयल बाथिंग के लिए तेल आसानी से तैयार किया जा सकता है। इसके लिए एक कढ़ाई में तिल का तेल हल्का गर्म करें। तेल गुनगुना होते ही उसमें 10–15 साबुत काली मिर्च डालें और गैस बंद कर दें। इसके बाद डंठल सहित साबुत लाल मिर्च और छिलके सहित 10–15 लहसुन की कलियां तेल में डालें। अब तेल को कमरे के तापमान पर पूरी तरह ठंडा होने दें। इस तरह तैयार किया गया तेल मालिश और स्नान, दोनों के लिए उपयोग किया जा सकता है और यह शरीर को अंदर से पोषण देने में मदद करता है।