Weird Jobs: अमेरिका में नौकरी करना आज भी लोगों का सपना है, क्योंकि वहां हाई सैलरी और बेहतर लाइफस्टाइल मिलती है।पहले लोग सोचते थे कि ज्यादा पैसा सिर्फ टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर या फाइनेंस में मिलता है, लेकिन अब यह सोच बदल रही है।
Weird Jobs: सोचिए एक ऐसा काम, जो अमेरिका में हर घंटे 9,000 कमाता हो, लेकिन भारत में लोग इसे बिना पैसे दिए करते हैं। हां, यह सच है दुनिया के अलग-अलग देशों में जॉब मार्केट और आर्थिक मॉडल अलग-अलग होते हैं, और कुछ खास स्किल्स या सर्विसेज ऐसे हैं जिन्हें लोग अलग-अलग तरीके से वैल्यू करते हैं। इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि यह जॉब आखिर है क्या, इसमें लोगों को क्या करना पड़ता है, और क्यों भारत में इसे मुफ्त किया जाता है।
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक अनोखी नौकरी काफी चर्चा में है, जिसे बैक स्क्रैचिंग या स्क्रैच थेरेपी(Scratch Therapy) कहा जाता है। भारत में यह काम घर में परिवार या दोस्त आपस में यूं ही कर देते हैं, वो भी बिल्कुल मुफ्त। लेकिन अमेरिका में यही काम एक प्रोफेशन बन चुका है, जिसके लिए लोग अच्छी-खासी रकम चुकाने को तैयार हैं।इस काम को करने वाले लोग एक घंटे में करीब 100 डॉलर, यानी भारतीय मुद्रा में लगभग 9,000 रुपये तक कमा लेते हैं।
स्क्रैच थेरेपी एक तरह की रिलैक्सेशन थैरेपी है, जिसमें प्रोफेशनल्स हल्के हाथों से नाखूनों या खास टूल्स की मदद से पीठ और ऊपरी शरीर को स्क्रैच करते हैं। इससे तनाव कम होता है, मन को सुकून मिलता है और नींद भी बेहतर आती है।अमेरिका में लोग मेंटल हेल्थ और सेल्फ-केयर को लेकर काफी जागरूक हैं, इसलिए वे ऐसी थैरेपी पर खुलकर पैसे खर्च करते हैं। यही वजह है कि स्क्रैच थेरेपी वहां तेजी से लोकप्रिय हो रही है।
न्यूयॉर्क जैसे बड़े शहरों में कई लोग स्पा सेंटर्स के जरिए यह सेवा देते हैं। कुछ लोगों ने तो अपने अपार्टमेंट को ही छोटा सा थेरेपी सेंटर बना लिया है।यह सेवा बिल्कुल मसाज की तरह अपॉइंटमेंट के आधार पर दी जाती है और फीस समय के हिसाब से तय होती है।
यह नौकरी भारत और अमेरिका के बीच सांस्कृतिक सोच के फर्क को साफ दिखाती है। भारत में जो चीज़ रोजमर्रा की और मुफ्त मानी जाती है, वही अमेरिका में एक प्रोफेशनल सर्विस बनकर लोगों को अच्छी कमाई करा रही है।इसी वजह से अमेरिका की कुछ नौकरियां भारतीयों को अजीब लगती हैं, लेकिन वहां के लिए यह पूरी तरह सामान्य और सम्मानजनक काम है।