Worst Foods for Heart: कॉलेज या ऑफिस कैंटीन में मिलने वाला गरम समोसा अक्सर भूख और तनाव दोनों का इलाज माना जाता है। ₹20 खर्च करके मिलने वाला यह स्नैक उस वक्त मामूली लगता है, लेकिन हाल ही में एक डॉक्टर के बयान ने इस आदत को नए नजरिये से देखने पर मजबूर कर दिया।
Worst Foods for Heart: शाम की चाय के साथ 10–20 रुपये का समोसा भारत में सबसे पसंदीदा स्नैक्स में गिना जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यही सस्ती आदत आगे चलकर लाखों का इलाज बन सकती है? हाल ही में दिल्ली के मशहूर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. शैलेश सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर की, जो तेजी से वायरल हो गई। डॉ. सिंह ने अपने पोस्ट में गणित के जरिए समझाया कि रोजाना समोसा जैसे तले-भुने स्नैक्स खाने से दिल की धमनियों को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचता है। उनका कहना है कि यह आदत मानो दिल के खिलाफ 400 प्रतिशत ब्याज पर लोन लेने जैसी है, जिसका भुगतान भविष्य में भारी मेडिकल बिल के रूप में करना पड़ सकता है जो 3 लाख रुपये तक पहुंच सकता है।
डॉक्टर ने रोजमर्रा की आदत को एक आसान गणित से समझाया
जब यही आदत दिल की बीमारी में बदल जाती है, तो इलाज का खर्च भी भारी हो जाता है एंजियोप्लास्टी जैसी प्रक्रिया में ₹3 लाख या उससे अधिक का खर्च आ सकता है।
डाइटिशियन पल्लवी कुमारी के अनुसार मुद्दा एक समोसे का नहीं, बल्कि उस आदत का है जो वह दर्शाता है। जब तले हुए और प्रोसेस्ड फूड रोज की डाइट का हिस्सा बन जाते हैं, तो उनका नुकसान तुरंत नहीं दिखता, लेकिन यह धीरे-धीरे शरीर के अंदर असर करता है नसों को नुकसान पहुंचाता है, दिल पर बोझ बढ़ाता है और आगे चलकर गंभीर बीमारियों की वजह बन सकता है।
तला-भुना और जंक फूड शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल जमा करता है, नसों में सूजन बढ़ाता है, धमनियों को सख्त बनाता है और दिल तक खून की सप्लाई कम करता है। समय के साथ यही फैटी प्लाक बनकर हार्ट अटैक और ब्लॉकेज का खतरा बढ़ा देता है।
फल, सब्जियां और फाइबर नसों को लचीला और स्वस्थ रखते हैं, जबकि तला-भुना खाना और ज्यादा नमक दिल पर धीरे-धीरे बोझ बढ़ाते हैं। जो आज असर नहीं दिखाता, वही आदतें कल बीमारी की वजह बनती हैं।
आधुनिक कामकाजी जिंदगी में समय की कमी, ऑफिस का दबाव और हेल्दी खाने की सीमित उपलब्धता लोगों को जल्दी मिलने वाले तले हुए स्नैक्स की ओर मोड़ देती है। समोसा, पकौड़ा और कचौड़ी जैसे विकल्प आसान लगते हैं, लेकिन यही आदतें धीरे-धीरे सेहत पर भारी पड़ने लगती हैं।
तले हुए खाने की जगह भुना या उबला हुआ चुनें, लंच में एक फल जरूर शामिल करें, दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और थोड़ा चलना-फिरना रोज की आदत बनाएं। ये छोटे-छोटे बदलाव भविष्य में होने वाले बड़े मेडिकल खर्च से बचा सकते हैं।
यह कहना गलत होगा कि समोसा खाते ही हार्ट अटैक हो जाएगा, लेकिन अगर जंक फूड रोज की आदत बन जाए तो उसका असर एक दिन जरूर सामने आता है। ₹20 का समोसा उस वक्त भले सस्ता लगे, पर जब वही आदत बीमारी में बदलती है, तो कीमत सिर्फ पैसों की नहीं सेहत और जिंदगी की भी होती है।