Yoga For Neck Hump: आगरा ऑप्टिक में भी गर्दन के पीछे हल्का उभार, जिसे आम भाषा में 'कूबड़' कहा जाता है, देखा जा सकता है। लेकिन कुछ योगासनों को रोजाना करने से यह समय के साथ दूर हो सकता है। आइए जानते हैं ऐसे योगासन, जो गर्दन की शेप सुधारने के साथ-साथ मोटापा भी कम करते हैं। (Yoga To Reduce Neck Fat)
How Can I Naturally Fix My Neck Hump: भागदौड़ और गलत पोस्चर की आदतें आजकल आम हो चुकी हैं, जिसका सीधा असर हमारी रीढ़ की हड्डी और गर्दन पर पड़ता है। कंप्यूटर पर झुके रहना, मोबाइल को घंटों तक नीचे की ओर देखते रहना या लंबे समय तक एक जैसी स्थिति में बैठे रहना। ये सभी आदतें गर्दन के पीछे कूबड़ (Dowager’s Hump) बनने की वजह बनती हैं। यह न केवल देखने में खराब लगता है, बल्कि शरीर के संतुलन, पॉश्चर और आत्मविश्वास को भी प्रभावित करता है।
लेकिन अच्छी बात यह है कि नियमित योगाभ्यास से इस स्थिति में काफी सुधार किया जा सकता है। नीचे दिए गए 5 योगासन गर्दन के कूबड़ को ठीक करने में मदद करते हैं और साथ ही शरीर की चर्बी को भी नियंत्रित रखते हैं।
भुजंगासन करने के लिए पेट के बल लेट जाएं, हाथों को कंधों के पास रखें और कोहनी मोड़े हुए धीरे-धीरे छाती और सिर को ऊपर उठाएं। ध्यान रखें कि नाभि जमीन से सटी रहे और गर्दन को बहुत अधिक पीछे न झुकाएं। यह आसन गर्दन, कंधे और रीढ़ की हड्डी की जकड़न को दूर करता है, जिससे गर्दन के पीछे की चर्बी घटती है और साथ ही पेट की चर्बी भी कम होती है।
मार्जरासन करने के लिए घुटनों और हथेलियों के बल आकर सांस भरते हुए पीठ को नीचे की ओर झुकाएं और सिर को ऊपर उठाएं (गाय मुद्रा), फिर सांस छोड़ते हुए पीठ को ऊपर उठाएं और ठुड्डी को सीने से लगाएं (बिल्ली मुद्रा)। यह आसन रीढ़ को लचीला बनाता है, गर्दन की मांसपेशियों में खिंचाव लाता है और शरीर के ऊपरी हिस्से की चर्बी को कम करता है।
शशांकासन करने के लिए घुटनों के बल बैठें, फिर धीरे-धीरे आगे की ओर झुकते हुए दोनों हाथों को आगे बढ़ाएं और माथा जमीन से लगाएं। इस स्थिति में कुछ देर रहें और गहरी सांस लें। यह आसन शरीर और दिमाग को रिलैक्स करता है, गर्दन और पीठ के तनाव को दूर करता है और साथ ही स्पाइन को सीधा करने में मदद करता है जिससे गर्दन के कूबड़ में राहत मिलती है।
इस योग को करने के लिए ज़मीन पर बैठ जाएं, दायां पैर मोड़कर बाएं घुटने के पार रखें और बाएं हाथ को घुटने पर रखकर शरीर को दाईं ओर मोड़े। फिर दूसरी दिशा में दोहराएं। यह आसन रीढ़ को मजबूती देता है, शरीर के मिड-सेक्शन की फैट को टारगेट करता है और गर्दन, कंधों में जमे तनाव को निकालकर पोस्चर को सही करता है।
ताड़ासन के लिए सीधे खड़े हो जाएं, दोनों हाथों को ऊपर उठाएं और हथेलियों को आपस में जोड़ लें। अब शरीर को ऊपर की ओर खींचते हुए एड़ियों के बल खड़े हो जाएं। इस मुद्रा को कुछ समय तक बनाए रखें। यह सरल दिखने वाला आसन शरीर को संतुलित करता है, रीढ़ को सीधा करता है और रोजाना अभ्यास से गर्दन की शेप को सुधारने में अहम भूमिका निभाता है।