
Yoga For Thyroid:थायरॉयड ग्लैंड का काम शरीर में हार्मोन का संतुलन बनाए रखना है, और जब यह काम ठीक से नहीं करता, तो इससे वजन बढ़ना, थकान और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यदि आपको थायरॉयड की समस्या है या आप इसे कंट्रोल करना चाहते हैं, तो योग एक बेहतरीन उपाय साबित हो सकता है। योग न सिर्फ थायरॉयड को बैलेंस करने में मदद करता है, बल्कि मानसिक शांति और सेहत के लिए भी फायदेमंद है।आइए जानते हैं, थायरॉयड को कंट्रोल करने के लिए घर पर किए जाने वाले कुछ आसान योगासनों के बारे में।
अगर आपको भी थायरॉयड के लक्षण नजर आते हैं, तो यह आसान योगा आपके लिए उपयोगी हो सकता है। यह शरीर के दोनों हिस्सों को खींचता है और थायरॉयड के क्षेत्र में ब्लड फ्लो को बढ़ाता है।
कैसे करें:
-पैरों को चौड़ा करके खड़े हो जाएं।
-एक हाथ को ऊपर की ओर उठाएं और दूसरा हाथ नीचे की दिशा में रखें।
-अब शरीर को एक दिशा में मोड़ते हुए नीचे वाले हाथ को पैर के पास लाएं और ऊपर वाले हाथ को ऊपर की दिशा में खींचें।
-30-60 सेकंड तक इस स्थिति में रहें, फिर दूसरी ओर से भी दोहराएं।
मत्स्यासन थायरॉयड के क्षेत्र में हल्का दबाव डालता है, जिससे ग्लैंड की सक्रियता बढ़ती है। यह हार्मोनल संतुलन में मदद करता है।
कैसे करें:
-पीठ के बल लेट जाएं।
-दोनों पैरों को सीधा रखें और हाथों को शरीर के पास रखें।
-धीरे-धीरे सीने को ऊपर की ओर उठाते हुए सिर को पीछे झुकाएं और सिर का ऊपरी भाग जमीन से स्पर्श कराएं।
-20-30 सेकंड तक इस स्थिति में रहें, फिर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में लौटें।
यह आसन थायरॉयड की कार्यप्रणाली को सुधारने में सहायक है। यह गर्दन और गले के क्षेत्र में रक्त प्रवाह को बढ़ाकर थायरॉयड को सक्रिय करता है।
कैसे करें:
-पीठ के बल लेट जाएं और दोनों पैरों को ऊपर की ओर उठाएं।
-हाथों की मदद से कमर को सहारा दें और शरीर को ऊपर उठाकर सीधा रखें।
-ध्यान रखें कि शरीर सीधी रेखा में हो और गर्दन पर अधिक दबाव न पड़े।
-20-30 सेकंड तक इस स्थिति में रहें और फिर धीरे-धीरे नीचे आएं।
वृक्षासन मानसिक संतुलन और शांति प्रदान करता है। यह शरीर के संतुलन को सुधारता है और थायरॉयड की सेहत को बेहतर बनाने में मदद करता है।
कैसे करें:
-सीधे खड़े हो जाएं और एक पैर को मोड़कर दूसरी जांघ के अंदर टिकाएं।
-हाथों को ऊपर सिर के पास जोड़कर नमस्कार मुद्रा बनाएं।
-संतुलन बनाए रखते हुए 30-60 सेकंड तक इस स्थिति में रहें, फिर दूसरी ओर से दोहराएं।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।