Yoga For Wrist Pain Relief: लगातार टाइपिंग और गलत पोश्चर से कलाई में दर्द और जकड़न आम हो गई है, जो समय पर ध्यान न देने पर गंभीर हो सकती है।कुछ आसान योगासन और स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज रोज करने से इस दर्द से आसानी से राहत मिल सकती है।
Yoga For Wrist Pain Relief: कंप्यूटर या लैपटॉप पर लंबे समय तक काम करने से अक्सर कलाइयों और हाथों में दर्द, जकड़न या थकान महसूस होती है। अगर आप इसे नजरअंदाज करते हैं, तो यह समस्या बढ़ सकती है। योग के कुछ सरल और असरदार आसन रोजाना करने से न सिर्फ दर्द में राहत मिलती है बल्कि कलाइयों की मजबूती और लचीलापन भी बढ़ता है। आइए जानें कौन से योगासन और स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज हैं जो आपके हाथों और कलाइयों के लिए सबसे फायदेमंद हैं।
यह मुद्रा कलाई और हथेलियों की मांसपेशियों को सक्रिय करने में मदद करती है।इस आसन को करने के लिए अपने दोनों हाथों को सामने की ओर ढीला छोड़ें। अब गहरी सांस लेते हुए बिना आगे झुके, हथेलियों को धीरे-धीरे नीचे की दिशा में दबाएं। इस स्थिति में करीब पांच सेकंड तक रुकें। फिर सांस छोड़ते हुए हाथों को आराम दें। इस प्रक्रिया को दिन में दो से तीन बार दोहराएं। इससे कलाई की अकड़न कम होती है।
यह योगासन पूरे शरीर के साथ-साथ कलाई को भी मजबूती देता है।सबसे पहले जमीन पर घुटनों के बल आ जाएं और हथेलियों को कंधों के ठीक नीचे रखें। अब सांस लेते हुए धीरे-धीरे हिप्स को ऊपर उठाएं और पैरों को सीधा करें। शरीर का आकार उल्टे ‘V’ जैसा बनेगा। कोशिश करें कि एड़ियां फर्श को छू सकें। कुछ सेकंड तक इस मुद्रा में रुकें और फिर सामान्य स्थिति में आ जाएं। यह आसन रक्त संचार को बेहतर बनाता है और कलाई के दर्द में राहत देता है।
ऑफिस या घर पर काम के बीच-बीच में कलाई की हल्की स्ट्रेचिंग बहुत फायदेमंद होती है।एक हाथ को सामने की ओर सीधा करें और दूसरे हाथ से उंगलियों को हल्के से पीछे की ओर खींचें। कुछ सेकंड बाद हाथ बदल लें। इसके अलावा कलाई को गोल-गोल घुमाने से भी जमी हुई जकड़न कम होती है और लचीलापन बढ़ता है।
यह आसन कलाई और कंधों के तनाव को दूर करने में मदद करता है।इसके लिए अपने दोनों हाथों को पीठ के पीछे ले जाएं और हथेलियों को जोड़ते हुए नमस्कार की स्थिति बनाएं। जितना हो सके, हाथों को ऊपर की ओर ले जाने की कोशिश करें। पांच सेकंड तक इस अवस्था में रहें और फिर धीरे-धीरे हाथ नीचे लाकर आराम करें।
अगर आप रोजाना कुछ मिनट इन योगासन और स्ट्रेचिंग अभ्यासों को करते हैं, तो कंप्यूटर पर काम करने से होने वाला कलाई का दर्द काफी हद तक कम हो सकता है। साथ ही सही पोश्चर और नियमित ब्रेक लेना भी न भूलें, ताकि आपकी कलाइयां लंबे समय तक स्वस्थ बनी रहें।