Yuvraj Singh Cancer Story : यूट्यूब पर 'द ओवरलैप' पॉडकास्ट में माइकल वॉन के साथ बातचीत में युवराज सिंह ने अपनी कैंसर की दर्दनाक कहानी को बताया है। उनकी कहानी ने कई मिथ को तोड़ने का काम किया जिसे हम कैंसर सर्जन (Cancer Surgeon) डॉ. जयेश शर्मा से समझेंगे।
Yuvraj Singh Cancer Story : पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह ने कैंसर की दर्दनाक कहानी को बयां किया है। 2011 के विश्व कप के दौरान मैदान पर खून की उल्टी की। बाद में डॉक्टर ने जांच में पाया कि उनको एक दुर्लभ प्रकार का कैंसर (Yuvraj Singh Rare Cancer) है। ये भी कहा कि युवराज सिंह आपके पास कुछ माह ही जीने के लिए बचे हैं। ये सुनने के बाद सोचिए क्या बीता होगा उनपर। फिर भी ऐसी स्थिति से उबरकर कमबैक करने की कहानी, वाकई हमारे लिए मोटिवेशन डोज की तरह है।
यूट्यूब पर 'द ओवरलैप' पॉडकास्ट में माइकल वॉन के साथ बातचीत में कैंसर को लेकर बताया कि इसे स्वीकार कर पाना मेरे लिए आसान नहीं था। क्योंकि, एक खिलाड़ी के रूप में, आप बीमार नहीं हो सकते। लेकिन, सच्चाई इसके उलट थी। मैं वाकई बहुत बीमार हो गया था।
कैंसर एक्सपर्ट का जवाब :कैंसर सर्जन डॉ. जयेश शर्मा कहते हैं कि ये बहुत बड़ा मिथ है कि फिट दिखने वाले व्यक्ति को कैंसर नहीं हो सकता है या हार्ट अटैक नहीं आ सकता। बीमारियां शरीर के अंदर चुपचाप घर करती हैं। ऐसे एक नहीं कई केस देखने को मिलते हैं। इसलिए, आप भले फिट दिखें लेकिन अंदरूनी हेल्थ को जानने के लिए समय पर चेक-अप जरूरी है।
स्वास्थ्य खराब होने के बाद युवी का सीटी स्कैन (CT scan) किया गया जिसमें उनके फेफड़ों के बीच एक दुर्लभ ट्यूमर (मीडियास्टिनल सेमिनोमा) का पता चला था।
युवराज ने डॉक्टर की बात को याद करते हुए पॉडकास्ट में कहा,
उन्होंने मुझसे कहा, "दोस्त, मैंने तुम्हारे स्कैन देखे हैं। ट्यूमर तुम्हारे दिल और फेफड़ों के बीच, बिल्कुल नली (पाइप) पर बैठा है। या तो तुम जाओ और क्रिकेट खेलो, या तुम्हें हार्ट अटैक आ सकता है। मुझे लगता है कि अगर तुम कीमोथेरेपी नहीं कराते हो, तो तुम्हारे पास तीन से छह महीने बचे हैं।"
कैंसर एक्सपर्ट का जवाब : डॉ. शर्मा कहते हैं, डॉक्टर्स मेडिकल रिपोर्ट्स और मरीज की स्थिति को देखकर ही एक आकलन के तौर पर मरने-जीने की बात, स्वस्थ होने की संभावना जताते हैं। इसे आप अंतिम सत्य या फैसला नहीं मान सकते हैं। आपको अपनी मनोस्थिति कमबैक वाली बनानी होगी। जैसा कि युवराज सिंह ने किया। वो डॉक्टर की सलाह लेकर इलाज कराए और आज हमारे बीच कमाल कर रहे हैं।
कीमोथेरेपी से कैंसर सेल्स या ट्यूमर को मारा जाता है। इसलिए, युवराज फिर इलाज के लिए 2011-12 में अमेरिका (US) गए और वहां पर कैंसर का इलाज कराया।
युवराज कहते हैं, "मुझे इस सच को स्वीकार करने में लगभग 1 साल लग गया था कि शायद मैं फिर से क्रिकेट नहीं खेल पाऊंगा। लेकिन एक बार इलाज खत्म होने के बाद, मैं वापस आने के लिए दृढ़ था, भले ही किसी को विश्वास नहीं था कि मैं ऐसा कर सकता हूं।"
कैंसर को हराने के बाद युवराज सिंह की रफ्तार थमी नहीं। उन्होंने 2012 और 2014 टी20 वर्ल्ड कप खेला। 2017 में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे में अपना सर्वश्रेष्ठ स्कोर (150 रन) बनाया। वाकई युवी की यात्रा क्रिकेट की सबसे पावरफुल कमबैक कहानियों में से एक बनी हुई है।