लखनऊ

अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव की तेरहवीं आज; सैफई की ये परंपरा बनी चर्चा का विषय, पोस्टर में पूरे यादव परिवार का नाम

Prateek Yadav Latest News: अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव की आज तेरहवीं है। प्रतीक की पत्नी अपर्णा यादव ने तेरहवीं का कार्ड शेयर किया है।

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May 25, 2026
अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव की तेरहवीं आज। फोट सोर्स-पत्रिका न्यूज

Prateek Yadav Latest News: समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) के छोटे बेटे और भाजपा महिला नेता अपर्णा यादव (Aparna Yadav) के पति प्रतीक यादव (Prateek Yadav) की सोमवार को तेरहवीं आयोजित होगी। रविवार शाम अपर्णा यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तेरहवीं का कार्ड साझा कर इसकी जानकारी दी।

इस कार्ड की सबसे खास बात यह रही कि इसमें अपर्णा यादव और उनकी दोनों बेटियों के साथ-साथ सपा प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) और उनके बच्चों के नाम भी शामिल किए गए हैं। कार्ड सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

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यादव परिवार की एकजुटता को लेकर तेज हुई चर्चा

तेरहवीं के कार्ड को लेकर पहली चर्चा यादव परिवार की एकजुटता को लेकर हो रही है, जबकि दूसरी चर्चा सैफई की उस परंपरा को लेकर है जिसमें तेरहवीं भोज ना करने की बात कही जाती रही है। दरअसल, सैफई (Saifai) की परंपरा के चलते ही मुलायम सिंह यादव के निधन पर भी तेरहवीं का आयोजन नहीं किया गया था। ऐसे में प्रतीक यादव की तेरहवीं को लेकर लोगों की उत्सुकता और बढ़ गई है।

13 मई को हुआ था प्रतीक यादव का निधन

38 वर्षीय प्रतीक यादव का 13 मई को अचानक निधन हो गया था। कम उम्र में हुई उनकी मौत ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया था। बताया गया कि वह पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे और हार्ट में खून का थक्का जमना उनकी मौत का प्रमुख कारण माना गया।

14 मई को गोमती नदी किनारे उनका अंतिम संस्कार किया गया था। अंतिम संस्कार से पहले अपर्णा यादव ने सोशल मीडिया पर शवयात्रा और अंतिम संस्कार का कार्ड भी साझा किया था। उस कार्ड में केवल अपर्णा यादव और उनकी बेटियों के नाम थे, जबकि यादव परिवार के अन्य सदस्यों का उल्लेख नहीं किया गया था।

अंतिम संस्कार के दौरान बढ़ी थीं दूरियों की चर्चाएं

प्रतीक यादव के निधन की सूचना मिलते ही सबसे पहले अखिलेश यादव अस्पताल पहुंचे थे। उस समय अपर्णा यादव असम में थीं और बाद में लखनऊ पहुंचीं। हालांकि अंतिम संस्कार के दौरान परिवार की दूरी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं। प्रतीक की अंतिम क्रिया की रस्में यादव परिवार के किसी सदस्य की जगह अपर्णा यादव के पिता अरविंद बिष्ट ने निभाईं। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में अपर्णा यादव और अखिलेश यादव के परिवार के बीच मतभेदों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं।

हरिद्वार में अस्थि विसर्जन के दौरान बदले संकेत

इन चर्चाओं के बीच हरिद्वार में हुए अस्थि विसर्जन कार्यक्रम ने माहौल बदलने का काम किया। अस्थि विसर्जन के दौरान आदित्य यादव (Aditya Yadav), जो शिवपाल यादव (Shivpal Singh Yadav) के बेटे हैं, पूरे समय अपर्णा यादव के साथ मौजूद रहे। इसके बाद यादव परिवार में रिश्तों के सामान्य होने के संकेत मिलने लगे थे।

तेरहवीं के कार्ड में दिखी परिवार की एकजुटता

अब तेरहवीं के कार्ड ने इन संकेतों को और मजबूत कर दिया है। अपर्णा यादव ने इस बार केवल कार्ड साझा किया, कोई अलग संदेश नहीं लिखा। कार्ड में अपर्णा यादव के नाम के बराबर ही अखिलेश यादव का नाम प्रमुखता से दर्ज किया गया है। साथ ही अपर्णा की बेटियों पद्मजा और प्रथमा के नाम के साथ अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव का नाम भी शामिल किया गया है। इसे यादव परिवार के बीच दूरियां खत्म होने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

श्रद्धांजलि पोस्टर भी वायरल

तेरहवीं के कार्ड के साथ-साथ एक श्रद्धांजलि पोस्टर भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह पोस्टर लखनऊ के कई इलाकों में लगाया गया है। पोस्टर में पूरे यादव परिवार के नाम शामिल हैं। इसमें अपर्णा यादव, अखिलेश यादव, शिवपाल यादव, डिंपल यादव (Dimple Yadav) और आदित्य यादव के अलावा प्रतीक यादव की दोनों बेटियों के नाम भी लिखे गए हैं। माना जा रहा है कि सोमवार को तेरहवीं कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी और भाजपा समेत कई दलों के नेताओं का जमावड़ा देखने को मिल सकता है।

सैफई की परंपरा और तेरहवीं पर बहस

उत्तर भारत में आमतौर पर किसी के निधन के बाद तेरहवीं और सतरहवीं जैसे संस्कार किए जाते हैं। इन आयोजनों में ब्राह्मण भोज के साथ रिश्तेदारों, परिचितों और ग्रामीणों को भोजन कराया जाता है, लेकिन सैफई गांव के लोगों ने वर्षों पहले इस परंपरा को बदलने का फैसला लिया था। गांव के लोगों का मानना था कि तेरहवीं भोज गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालता है। साथ ही शोक के माहौल में भोज का आयोजन उचित नहीं माना गया।

मुलायम सिंह यादव के निधन पर भी नहीं हुई थी तेरहवीं

सैफई की इसी परंपरा का पालन मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) के परिवार ने भी किया था। आर्थिक रूप से सक्षम होने के बावजूद परिवार ने मुलायम सिंह यादव के निधन पर तेरहवीं आयोजित नहीं की थी। उस समय निधन के 11वें दिन हवन और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया था। परिवार के सदस्यों ने शुद्धि संस्कार में भाग लिया था और अखिलेश यादव समेत परिवार के पुरुष सदस्यों ने मुंडन संस्कार भी कराया था।

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