
Akhilesh Yadav : उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के विदेश दौरे को लेकर तीखा हमला बोला है। राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक लंबी पोस्ट लिखकर अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश के धार्मिक और पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने की नसीहत दी।
ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को टैग करते हुए लिखा कि ए भाई @yadavakhilesh जी, घूमने ही जाना था तो काशी चले जाते, अयोध्या, मथुरा, नैमिष या मां विंध्यवासिनी के धाम में मत्था टेक आते…आप जाते तो लोकल व्यापारियों को कुछ न कुछ रोजगार तो मिल ही जाता। गरीब फूल-मिठाई-पूजा सामग्री बेचने वालों के घर का चूल्हा जलता, छोटे होटल, ट्रांसपोर्ट वाले और तरक्की करते। मीडिया दिखा देती है तो अपने उत्तर प्रदेश के पर्यटन को भी बल मिलता। मगर का बताईं, तोहें त लंदने-पेरिस पसंद ह! नवाबी शौक पाल लेले हउवा…
ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव के विदेश यात्रा को लेकर तंज कसाते हुए कहा कि लंदन जा के पता नहीं कौन-कौन सी कव्वाली सुनते हैं आप? सुना है लंदन के रेडब्रिज में पाकिस्तानी बहुत हैं और आप ठहरे 'उभरते हुए कव्वाल'। तो रेडब्रिज में ही लाल टोपी पहन के पाकिस्तानी कव्वाली की ट्रेनिंग तो नहीं ले रहे…। अलग ही आनंद आता होगा ना? किसी दिन लखनऊ में भी अपने फन का प्रदर्शन कीजिए…
आपको अपने पासपोर्ट पर विदेशी मोहर लगवाने में बड़ा फख्र महसूस होता होगा और भारत के पर्यटन स्थल शायद आपके स्टैंडर्ड से मैच नहीं खाते… यही बात है न?
ओपी राजभर ने आगे लिखा कि हमारी सलाह मानिए एक बार देश और उत्तर प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर जरूर जाइए…कांग्रेस और सपा वाला जमाना गया… अब नया भारत और नया उत्तर प्रदेश है। हिमालय से लेकर हिन्द महासागर तक, काशी-अयोध्या-मथुरा से राजस्थान के किलों, मेघालय के बादलों, अरुणाचल की पहली किरण तक सब फैले पर्यटन स्थल और वहां पर उपलब्ध सुविधाएं आपके स्टैंडर्ड से भी ऊपर की हो गई हैं अखिलेश बाबू। अपने देश की संस्कृति, तीर्थ, इतिहास और विविधता को देखना शुरू करेंगें तो एक जिंदगी भी कम पड़ जाएगी।
मगर, आपको तो बस एसी में बैठ के ट्विटर और पीसी करना है। पीडीए-पीडीए का झूठा राग अलापना है। गरीबों के लिए घड़ियाली आंसू बहाना है… लेकिन जब घूमना-फिरना होता है तो सीधे लंदन-पेरिस ही भाता है। विदेश नहीं, अपनी जड़ों से जुड़िये। पहले अपने प्रदेश को देखिए, फिर दुनिया देखिएगा। और हां घूमने जाइएगा तो पहले अपने बदतमीज लोडरों को थोड़ा संस्कार का ज्ञान भी देते रहिएगा…क्योंकि आपके लोडरवा सब एक नंबर के लंठ हैं…फूल वाले, मिठाई वाले, पुरोहित, छोटे दुकानदारों के साथ आपके उद्दंड लोडर लूटपाट शुरू कर देते हैं..। अपने लोडरों को थोड़ा संस्कार कहे नहीं देते आप…?