Akhilesh Yadav Mamata Banerjee Meeting : लखनऊ से कोलकाता तक गरमाई राजनीति! अखिलेश यादव की ममता बनर्जी से मुलाकात पर ओपी राजभर ने कसा तंज, बोले- 'अखिलेश दीदी को ढांढस बंधाने गए हैं कि आप एक बार हारीं, हम दो बार'। जानें क्या है पूरी सियासी जंग।'
लखनऊ : समाजवादी पार्टी के मुखिया यादव ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी से मुलाकात की। इस दौरान TMC के राष्ट्रीय महासचिव और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) भी मौजूद रहे। अखिलेश यादव की मुलाकात के बाद राजनीतिक पारा गर्म हो गया। भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने सीधा हमला बोलना शुरू कर दिया।
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा, "हार के बाद ममता बनर्जी को एक बौखलाहट हुई और इसमें उन्होंने गलत निर्णय लिया और संविधान को नहीं माना। राज्यपाल के पास विधानसभा भंग करने का अधिकार है और उन्होंने संविधान के आधार पर इसे भंग कर दिया। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और ममता बनर्जी की मुलाकात पर उन्होंने कहा, वे वहां ढांढस बंधाने गए थे कि आप तो सिर्फ एक बार हारी हैं, हम दो बार हारे हैं।
अखिलेश यादव के बंगाल दौरे पर बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा, अखिलेश यादव ममता बनर्जी से सीखने गए थे। जैसे पश्चिम बंगाल में लोगोंं ने ममता बनर्जी को उखाड़ फेंका आने वाले समय में समाजवादी पार्टी का भी वही हाल उत्तर प्रदेश में होना है इसलिए अच्छा है पहले ही दोस्ती हो गई।
कोलकाता में मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उन्होंने पश्चिम बंगाल चुनाव को काफी करीब से देखा है और यहां जिस तरह की राजनीतिक भाषा और रणनीति का इस्तेमाल किया गया, वह चौंकाने वाला था। अखिलेश यादव ने कहा, BJP ने बंगाल में जो किया, उत्तर प्रदेश में उससे कम किया था। बंगाल में उसका ट्रायल किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की कार्यशैली से अराजकता का माहौल पैदा होता है और चुनावी प्रक्रिया प्रभावित होती है।
जानकारी के मुताबिक, अखिलेश यादव पहले 5 मई को कोलकाता जाने वाले थे, लेकिन उस समय ममता बनर्जी ने उन्हें आने से मना कर दिया था। इसके बाद कार्यक्रम में बदलाव किया गया। हालांकि यह पहली बार नहीं है जब अखिलेश यादव कोलकाता पहुंचे हों। इससे पहले भी वह जनवरी महीने में बंगाल गए थे, लेकिन विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने प्रचार अभियान में हिस्सा नहीं लिया था, जिसको लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं हुई थीं।